रविवार दिल्ली नेटवर्क
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ हेल्थ एंड एलाइड साइंसेज़ की ओर से एमएलटी वीक के तहत हिस्टोस्पेक्ट्रम 2026ः इन्नोवेशन इन ऐवरी टेस्ट, केयर इन ऐवरी रिजल्ट पर वर्कशॉप
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर में पैथोलॉजी की एचओडी प्रो. सीमा अवस्थी ने कहा, स्टुडेंट्स के लिए अपने सब्जेक्ट की बेसिक नॉलेज एंड इन्फॉर्मेशन होना जरूरी है। स्टुडेंट्स को थ्योरी और प्रैक्टिकल के गैप को कम करना होगा ताकि मॉडर्न हेल्थ केयर सिस्टम एवम् डायग्नोस्टिक में एक्सपर्ट बन सकें। हमें एक्सपर्ट से प्रेरित होते हुए सीखते रहना चाहिए। उन्होंने कहा, वर्कशॉप में हम प्रैक्टिकली समझते हैं, जबकि सीएमई में ऐसा नहीं होता है। प्रो. अवस्थी कॉलेज ऑफ हेल्थ एंड एलाइड साइंसेज़ की ओर से एमएलटी वीक के तहत हिस्टोस्पेक्ट्रम 2026ः इन्नोवेशन इन ऐवरी टेस्ट, केयर इन ऐवरी रिजल्ट पर आयोजित वर्कशॉप में बतौर एक्सपर्ट बोल रहीं थीं। इससे पूर्व प्रो. सीमा अवस्थी ने बतौर एक्सपर्ट, कॉलेज ऑफ एलाइड हेल्थ एंड साइंसेज़ के प्राचार्य प्रो. नवनीत कुमार, एमएलटी की एचओडी प्रो. रूचि कांत, डॉ. आशुतोष, डॉ. दीप्ति अरोरा, हिस्टोपैथोलॉजी लैब के इंचार्ज श्री यशपाल आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके वर्कशॉप का शुभारम्भ किया। इस मौके पर सभी अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया गया। अंत में स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
दूसरी ओर प्रो. सीमा अवस्थी ने हिस्टोपैथोलॉजी लैब में स्टुडेंट्स को टिश्यू का सही से फिक्शेसन करना, टिश्यू की ग्रोसिंग, प्रोसेसिंग आदि के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा, कैंसर सरीखे रोगों की पहचान के लिए हिस्टोपैथोलॉजी अति कारगर है। वर्कशॉप के तकनीकी सत्रों में स्टुडेंट्स को अलग-अलग समूहों में बांटकर श्री यशपाल के निर्देशन में हैंड्स ऑन ट्रेनिंग भी कराई गईं। प्राचार्य प्रो. नवनीत कुमार ने उम्मीद जताई, यह वर्कशॉप स्टुडेंट्स के लिए मील का पत्थर साबित होगी। वर्कशॉप में आरआईटी के एचओडी श्री अमित बिष्ट, डॉ. अर्चना जैन, डॉ. योगेश कुमार, डॉ. शिवसरन सिंह, डॉ. पिनाकी अदक, डॉ. शिखा पालीवाल, डॉ. वर्षा राजपूत, डॉ. रेनू चौधरी, सुश्री विवेचना, सुश्री साक्षी बिष्ट, श्री शिवम अग्रवाल, सुश्री अदिति त्यागी आदि मौजूद रहे। संचालन स्टुडेंट्स- कैफ कुरैशी और शहजीन ने किया।




