टीएमयू की कॉन्फ्रेंस में नौ देशों के 135 रिसर्च पेपर्स प्रजेंट

135 research papers from nine countries presented at TMU conference

रविवार दिल्ली नेटवर्क

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में डिपार्टमेंट ऑफ कम्प्यूटर साइंस एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन की मॉडर्न ट्रेंड्स इन कम्प्यूटर्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स पर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस- आईसीएमसीई 2026 के समापन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स- आईओटी, वीएलएसआई डिज़ाइन, सिग्नल एवम् इमेज प्रोसेसिंग, एम्बेडेड सिस्टम, साइबर सुरक्षा, स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स, संचार नेटवर्क एवम् दीगर उभरती प्रौद्योगिकियों सरीखे विषयों पर मंथन

भारत के संग-संग ग्रीस, स्पेन, जर्मनी, यूके, यूएई, सउदी अरब, जॉर्डन, इजिप्ट सरीखे देशों के इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्प्यूटर विशेषज्ञों ने तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में डिपार्टमेंट ऑफ कम्प्यूटर साइंस एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन की ओर से हुई मॉडर्न ट्रेंड्स इन कम्प्यूटर्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स पर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस- आईसीएमसीई 2026 में ब्लेंडेड 135 रिसर्च पेपर्स प्रस्तुत किए। कॉन्फ्रेंस में इन विद्वानों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स- आईओटी, वीएलएसआई डिज़ाइन, सिग्नल एवं इमेज प्रोसेसिंग, एम्बेडेड सिस्टम, साइबर सुरक्षा, स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स, संचार नेटवर्क एवं अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों सरीखे विषयों पर गहनता से अपना व्यापक नजरिया रखा। एक दर्जन से अधिक टेक्निकल सत्रों में ग्राफिक ऐरा यूनिवर्सिटी, देहरादून से डॉ. अंकित विश्नोई, जेएसएस एकेडमी ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, नोएडा के प्रो. लवकुश शर्मा, पदमावत सिंघानिया यूनिवर्सिटी, उदयपुर के डॉ. ब्रजेश कुमार शर्मा, एकेजी इंजीनियरिंग कॉलेज, गाजियाबाद के डॉ. आशीष दीक्षित, गलगोटिया यूनिवर्सिटी, नोएडा की डॉ. शिप्रा शुक्ला, जीसीईटी, ग्रेटर नोएडा की डॉ. शिल्पी पाटिल के अलावा डॉ. शालिनी अग्रवाल, डॉ. अर्निका, डॉ. अवधेश कुमार गुप्ता, डॉ. प्रमोद कुमार सागर आदि बतौर सेशन चेयर शामिल हुए। वेलेडिक्ट्री सत्र में रिसर्च पेपर्स प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को सीओई के डीन प्रो. आरके द्विवेदी ने सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया।

इन्नोवेशंस से इंडस्ट्रीज़ की बदल रही सूरत और सीरतः एक्सपर्ट जय आनंद
स्विट्जरलैंड की ग्रीनीपैथ एजी में दक्षिण एशिया परियोजना निर्माण और विकास निदेशक श्री जय आनंद ने मॉडर्न ट्रेंड्स एंड रिसेंट टेक्नोलॉजी इन एंनवायरमेंटल कंजर्वेशन एंड क्लाइमेंट चेंज पर ब्लेंडेड मोड में बोलते हुए कहा, एआई, क्वांटम टेक्नोलॉजी, एज कम्प्यूटिंग और आईओटी में हो रहे इन्नोवेशंस इंडस्ट्रीज़ से लेकर सामाजिक स्तर की सूरत और सीरत बदल रहे हैं। ये इन्नोवेशंस न केवल साइंटिक एक्सप्लोरेशन को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि प्रभावी तकनीकी समाधान के लिए स्मार्ट डिजाइन की परिकल्पना को भी मूर्त रूप दे रहे हैं। आईआईटी, कानपुर के प्रो. मनोज कुमार तिवारी यूज ऑफ एआई-एमएल इन वाटर ट्रीटमेंट एप्लिकेशंस पर बोले, वाटर ट्रीटमेंट में एआई और एमएल का उपयोग जल प्रबंधन को अधिक कुशल, सस्ता और सुरक्षित बना रहा है। पारंपरिक तरीकों की तुलना में ये तकनीकें डेटा का विश्लेषण करके भविष्य की समस्याओं का अनुमान लगाने में सक्षम हैं।

कॉन्फ्रेंस स्टुडेंट्स, रिसर्चर्स के लिए होगी वरदान साबितः प्रो. आरके द्विवेदी
सीओई के डीन एवम् कॉन्फ्रेंस जनरल चेयर प्रो. आरके द्विवेदी ने कहा, एआई, मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, 5जी कम्युनिकेशन, वीएलएसआई डिजाइन सरीखी तकनीकें वक्त की दरकार हैं। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई, आईसीएमसीई 2026 स्टुडेंट्स, रिसर्चर्स और फैकल्टीज़ के लिए वरदान साबित होगी। कॉन्फ्रेंस के वेलेडिक्ट्री सत्र में कन्वीनर्स- प्रो. गुलिस्ता खान और डॉ. अलका वर्मा, प्रो. अशोक कुमार, डॉ. संकल्प गोयल, डॉ. इंदु त्रिपाठी, डॉ. आशीष सिमल्टी, डॉ. शुभेन्द्र प्रताप, डॉ. प्रियांक सिंघल, डॉ. विभोर भारद्वाज, श्री अरुन पिपरसेनिया, श्री विजेन्द्र रावत, श्री भगवान, श्री उमेश सिंह, श्री नीरज कौशिक, श्री आदित्य जैन, श्री राहुल विश्नोई, श्री नमित गुप्ता, सुश्री अवंतिका, श्री मयूर अग्रवाल, श्री अमित विश्नोई, डॉ. अमित कुमार आदि मौजूद रहे। कॉन्फ्रेंस कन्वीनर श्री प्रशांत कुमार ने वोट ऑफ थैंक्स दिया। संचालन स्टुडेंट नवजोत ने किया।