- भारत की जीत की उम्मीदें स्ट्राइकर केतन और ड्रैग फ्लिकर आशीष पूर्ति पर
- पाक के स्ट्राइकर अदील व अवान से भारत की रक्षापंक्ति को चौकस रहना होगा
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : तेज तर्रार कप्तान केतन कुशवाहा, राहुल यादव, बेन सिद्धार्थ व वरिदंर सिंह जैसे स्ट्राइकरों और आशीष तानी पूर्ति और गाजी खान जैसे ड्रैग फ्लिकरों के बूते भारत शुक्रवार को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर काकामिगहारा (जापान) में अंडर 18 पुरुष हॉकी एशिया कप टूर्नामेंट के दूसरे सेमीफाइनल में जीत दर्ज कर अपनी श्रेष्ठता साबित करने के संकल्प से उतरेगा। अब तक हुए अंडर 18 पुरुष हॉकी एशिया कप के पांच सस्करणों में भारत (2001 व 2016) और पाकिस्तान (2009 व 2011) ने दो दो बार जबकि मेजबान जापान (2025) ने पिछली व मात्र एक बार अंडर 18 पुरुष हॉकी एशिया कप खिताब जीता था।
भारत बेशक मौजूदा चैंपियन मेजबान जापान से 2-4से हार कर पूल ए में दूसरे स्थान पर रहा लेकिन उसने इससे सबक ले अपने अगले दो मैच दिखाया उसे मुश्किलों से उबरना खूब आता है। इस मैच में दो पूर्व ओलंपियन अपने जमाने के बेहतरीन सेंटर हाफ रहे भारत के सरदार सिंह और पाकिस्तान के 1992 की बार्सीलोना ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता टीम के राइट आउट मुहम्मद कमर इब्राहिम की अपनी अपनी टीम के बतौर कोच रणनीति का भी शुक्रवार को इम्तिहान होगा। भारत और पाकिस्तान के तनावपूर्ण सियासी रिश्तों के बीच मुमकिन है कि दोनों टीमों के खिलाड़ी हाथ मिलाते न मिले क्योंकि दिलों में खटास जारी है। बावजूद इसके भारत और पाकिस्तान की अंडर 18 हॉकी टीमों के बीच सेमीफाइनल मैच में हर किसी की निगाहें रहेंगी क्योंकि हॉकी प्रेमी दोनों ही टीमों की हॉकी की नफासत के मुरीद हैं। भारत की रक्षापंक्ति को पाकिस्तान के लिए तीन मैचों में दो दो गोल करने वाले उसके स्ट्राइकर अब्दुल्ला अवान और अदील से जरूर चौकस रहना होगा।
भारत को पाकिस्तान पर जीत दर्ज करनी है तो सात गोल कर मौजूदा संस्करण में गोल दागन में दूसरे स्थान पर चल रहे कप्तान केतन कुशवाहा, राहुल यादव और बेन सिद्धार्थ और वरिंदर सिंह जैसे स्ट्राइकरों को मैदानी गोल करने के साथ ज्यादा से ज्यादा पेनल्टी कॉर्नर भी बनाने होंगे। भारत के पास आशीष तानी पूर्ति, गाजी खान और अंश बहुतरा जैसे उसके ड्रैग फ्लिकर पेनल्टी कॉर्नरों का पूरा इस्तेमाल कर गोल करना खूब जानते हैं। आशीष तानी पूर्ति, गाजी खान और अंश बहुतरा बतौर मुस्तैद फुलबैक और गोलरक्षक आयुष राजभर भारत के ‘किले’ की मुस्तैदी से चौकसी करने में सक्षम हैं। वैसी ही पाकिस्तान के खिलाफ भी करनी होगी। साथ ही आशीष तानी पूर्ति, गाजी खान और अंश बहुतरा बतौर ड्रैग फ्लिकर भारत को गोल करने के और विकल्प मुहैया कराते हैं।
भारत की पुरुष हॉकी टीम ने कजाकिस्तान को 13-0, दक्षिण कोरिया को 4-1 से तथा चीनी ताइपे को 13-0 से हराया लेकिन अपने दूसरे मैच में जापान से 2-4 से हार पूल ए में तीन जीत और एक हार के साथ कुल नौ अंक ले दूसरे स्थान पर रही। भारत के लिए अपने पूल में शुरू के चार मैचों मे कुल 32 गोल उसके 11 अलग अलग खिलाड़ियों ने किए हैं। भारत की 18 सदस्यीय टीम में अंडर 18 एशिया कप पहला अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट हैं और गोलरक्षक सावन कुमार(2 मैच) को छोड़ बाकी सभी 17 खिलाड़ियों ने इसी टूर्नामेंट में पूल के बस चार- चार मैच खेले हैं। भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उसने अब तक शुरू के चार मैचों में 20 मैदानी गोल करने के साथ 12 पेनल्टी कॉर्नरों को भी गोल में बदला है। भारत के कप्तान केतन कुशवाहा मैदानी गोल करने में तो माहिर हैं डी के भीतर पेनल्टी कॉर्नर पर ड्रैग फ्लिकरों के ड्रैग फ्लिक पर लौटती गेंद को लपक कर गोल में डालने में भी वह बेजोड़ हैं।भारत की ओर से पूल ए में शुरू के चार मैचों में कप्तान स्ट्राइकर केतन कुशवाहा ने सात और ड्रैग फ्लिकर आशीष तानी पूर्ति ने पेनल्टी कॉर्नर पर सबसे ज्यादा छह गोल किए। भारत के लिए अच्छी बात यह रही कि जापान से हारने के बावजूद उसके लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले कप्तान केतन कुशवाहा और ड्रैग फ्लिकर आशीष तानी पूर्ति ने हाफ टाइम से पहल एक एक गोल कर उसे एक समय दो दो की बराबरी भी दिला दी थी। साथ ही भारत के लिए शाहरुख अली और गाजी खान ने तीन तीन तथा राहुल यादव,अंश बहुतरा, प्रहलाद राजभर, वरिंदर सिंह, बेन सिद्धार्थ ने दो- दो तथा करण गौतम, आकाशदीप तथा प्रेमचंद सोय ने एक एक गोल किया है।
पाकिस्तान की पुरुष टीम चीन से 3-0 तथा बांग्लादेश से 5-2 से जीती लेकिन मलयेशिया से शुरू के दो क्वॉर्टर में 0-3 से पिछड़ कर आखिरी मिनट में गोल करने के बाद 2-3 से हार कर उसकी तरह तीन मैचों में दो जीत के साथ अपने बेहतर गोल अंतर के कारण पूल बी में छह अंकों के साथ शीर्ष पर रहा । पाकिस्तान के लिए तीन मैचों में स्ट्राइकर दो दो गोल करने वाले अब्दुल्ला अवान और अदील से जरूर भारत की रक्षापंक्ति को चौकस रहना होगा। पाकिस्तान के लिए कप्तान ड्रैग फ्लिकर असम हैदर व महम्मद फरहान असलम व स्ट्राइकर मुजम्मिल सईद,सलमान यासीन , मुहम्मद याहिया नजीब, मुहम्मद उस्मान और ने एक एक गोल किया। पाकिस्तान ने शुरू के तीन पूल मैचो में कुल दस गोल आठ अलग अलग खिलाड़ियों ने किए। पाकिस्तान के कप्तान असम हैदर, गोलरक्षक गुलाम मुस्तफा, मुहम्मद जमां, मुहम्मद उस्मान के रूप में चार खिलाड़ियों ने नौ नौ मैचों अब तक उसकी नुमाइंदगी की है।





