भारत की सबसे बड़ी क्रूज़ ऑपरेटर कंपनी का आईपीओ लॉन्च

IPO of India's largest cruise operator launched

मुंबई (अनिल बेदाग) : भारत में क्रूज़ पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली वाटरवेज़ लीजर टूरिज्म लिमिटेड 23 जून, 2026 को अपना बहुप्रतीक्षित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम लेकर आ रही है। कंपनी ने अपने इक्विटी शेयरों के लिए ₹769 से ₹808 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह IPO 25 जून, 2026 तक निवेशकों के लिए खुला रहेगा।

कंपनी के अनुसार, निवेशक न्यूनतम 18 इक्विटी शेयरों और उसके बाद 18 के गुणकों में बोली लगा सकते हैं। ₹585 करोड़ के इस फ्रेश इश्यू से जुटाई जाने वाली राशि का बड़ा हिस्सा कंपनी की स्टेप-डाउन सहायक कंपनी बेक्रूज़ शिपिंग एंड लीजिंग (IFSC) प्राइवेट लिमिटेड के लिए लीज भुगतान और जमा राशि के उपयोग में आएगा, जबकि शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए खर्च की जाएगी।

“भारत में क्रूज़ पर्यटन अब एक उभरता हुआ लक्ज़री और अनुभवात्मक यात्रा क्षेत्र बन चुका है। बढ़ती आय, बदलती यात्रा प्राथमिकताएं और घरेलू पर्यटन के विस्तार ने इस उद्योग को नई गति प्रदान की है।” वाटरवेज़ लीजर टूरिज्म वर्तमान में अपने प्रमुख क्रूज़ जहाज एमवी एम्प्रेस का संचालन करती है। कंपनी की स्थापना से लेकर 31 मार्च 2026 तक 7.30 लाख से अधिक यात्रियों ने इसकी सेवाओं का लाभ उठाया है। इस दौरान जहाज ने 3.21 लाख से अधिक नौटिकल मील की यात्रा पूरी की है।

क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में मूल्य के आधार पर कंपनी की भारतीय क्रूज़ बाजार में लगभग 79 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। यह उपलब्धि इसे देश के क्रूज़ पर्यटन उद्योग का प्रमुख खिलाड़ी बनाती है।

“एमवी एम्प्रेस केवल एक क्रूज़ जहाज नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, खान-पान और आतिथ्य का चलता-फिरता अनुभव है, जो यात्रियों को समुद्र के बीच भारत की विविधता से परिचित कराता है।” कंपनी के घरेलू रूट्स में मुंबई, गोवा, कोच्चि, चेन्नई, लक्षद्वीप, विशाखापट्टनम और पुडुचेरी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल शामिल हैं। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह श्रीलंका के हम्बनटोटा, त्रिंकोमाली और जाफना, थाईलैंड के फुकेत, सिंगापुर तथा मलेशिया के कुआलालंपुर और लंगकावी तक यात्राएं संचालित करती है। एमवी एम्प्रेस में कुल 796 केबिन हैं और यह एक समय में 2,005 यात्रियों की मेजबानी कर सकता है। कंपनी के विस्तार की योजना के तहत नॉर्वेजियन स्काई और नॉर्वेजियन सन जैसे दो नए जहाज बेड़े में शामिल होने वाले हैं। इनके जुड़ने से कंपनी की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और वह अधिक ग्राहकों तक अपनी सेवाएं पहुंचा सकेगी।

“नए जहाजों के शामिल होने से कंपनी न केवल अपनी यात्री क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि भारतीय क्रूज़ उद्योग में अपनी नेतृत्वकारी स्थिति को और मजबूत करेगी।” पर्यटन के अलावा कंपनी कॉर्पोरेट बैठकों, प्रोत्साहन कार्यक्रमों, सम्मेलन, प्रदर्शनी और डेस्टिनेशन वेडिंग्स के लिए भी विशेष सुविधाएं प्रदान करती है। समुद्र के बीच आयोजित होने वाले ऐसे कार्यक्रमों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे कंपनी के लिए नए राजस्व अवसर भी पैदा हो रहे हैं। भारत में अनुभवात्मक पर्यटन के बढ़ते रुझान के बीच वाटरवेज़ लीजर टूरिज्म का यह आईपीओ निवेशकों के लिए देश के तेजी से विकसित हो रहे क्रूज़ पर्यटन उद्योग में भागीदारी का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।