रविवार दिल्ली नेटवर्क
उदयपुर : उदयपुर में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के मेवाड़ राजवंश की जन संवेदनाओं से जुड़े अनेक किस्सों के साक्षी पिछली पाँच से अधिक शताब्दियों के अनेकानेक दिन रहें है लेकिन हाल ही समाप्त हुए अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) से जुड़ी एक घटना ने हर किसी का दिल जीत लिया ।
पुरुषोत्तम मास के अन्तिम दिनों में मेवाड़ राजवंश के लोकप्रिय लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ओडिशा के उप मुख्यमंत्री और अपने श्वशुर के जन्म दिवस पर सपरिवार सिटी पैलेस से सटे राजवंश के सुप्रसिद्ध जगदीश मंदिर में दर्शन के लिए गए थे। इस दौरान उन्हें बताया गया कि इस बार जगदीश मंदिर में व्यास पीठ से 85 बरस से अधिक उम्र के भट्टमेवाड़ा समाज के प्रतिनिधि पण्डित जितेन्द्र मोहन भट्ट श्री मद भागवत की कथा का वाचन कर रहें है और दो दिनों बाद कथा समाप्ति पर उन्हें परम्परागत रूप से श्रद्धालुओं के जुलूस के साथ उनके निवास तक विदा करने की तैयारियां की जा रही है लेकिन कसारों की ओल के सकड़े रास्तों में उन्हें ले जाने के लिए मंदिर का नवयुवक मंडल कोई रथ या वाहन की माकूल व्यवस्था नहीं कर पा रहा है।
इस पर लक्ष्यराज सिंह उस समय तो कुछ नहीं बोले लेकिन विदाई के दिन हर कोई आश्चर्यचकित था कि पण्डित जितेन्द्र मोहन भट्ट को कथा समाप्ति के बाद विदाई के लिए उन्हें उनके निवास तक पहुँचाने के लिए उन्होंने सिटी पैलेस से अपनी एक अनमोल विंटेज कार उनके सम्मान में भेजीं है । उनकी इस सहृदयता ने हर किसी धर्म प्रेमी श्रद्धालु का दिल जीत लिया और मेवाड़ी पगड़ियों में सुसज्जित पण्डित जितेन्द्र मोहन जी भट्ट और उनके उत्तराधिकारी जूनियर पण्डित कौशल भट्ट को इस विंटेज कार में बिठा कर श्रद्धालुगण उन्हें उनके निवास द गिरधर निवास तक एक शोभा यात्रा के रूप में ले गए। इस धार्मिक जुलूस के आगे पण्डित जी की पुत्री भामिनी पण्ड्या और पुत्र वधु धृति भट्ट श्री मद भागवत को अपने शीश पर धारण कर चली और पीछे पीछे चलें भगवान के नाम का जयघोष करते असंख्य लोग।





