हम हार्दिक को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में उतारने में उतावली नहीं करना चाहते : गौतम गंभीर

We don't want to rush Hardik into international cricket: Gautam Gambhir.

  • हार्दिक अभी भी दस ओवर नहीं फेंक सकते
  • सीम गेंदबाजी ऑलराउंडर जितने ज्यादा होंगे हमारे लिए उतना ही अच्छा
  • चोटों के चलते क्रिकेटरों के उपलब्ध न होने से असुविधा होती है

सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली :
भारत के चीफ कोच गौतम गंभीर फिलहाल पूरी तरह फिट होने के लिए जूझ रहे ऑलराउंडर हार्दिक पांडया पर तब तक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए दबाव नहीं डालना चाहते जब तक वह पूरी तरह अपनी मैच फिटनेस साबित न कर लें। गंभीर इस बात को लेकर जरूर खुश कि फिलहाल गेंद से कमाल दिखा रहे विकेट चटका रहे नीतिश कुमार रेड्डी के रूप बतौर ऑलराउंडर भारत के पास एक अच्छा विकल्प है। हार्दिक पांडया ने 2026 में आईपीएल के बाद फिलहाल ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ वन डे मैचों के लिए भारत ए टीम में वापसी की है। नीतिश रेड्डी भारत की एशियाई खेलों के लिए चुनी गई टीम में थे लेकिन उन्हें वहां से हटा कर अब मेहमान वेस्ट इंडीज के खिलाफ भारत तीन वन डे मैचों की सीरीज में भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल किया गया है। वही नीतिश रेड्डी ने अभी हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों की सीरीज में शानदार गेंदबाजी कर सबसे ज्यादा छह विकेट लेकर भारत को सीरीज 3-0 से जिताने से अहम भूमिका निभाई। नीतिश के नजरिए से अच्छी बात है कि है कि उन्हें टी 20 फ़ॉर्मेट से हटा दिया गया है और उन्हें वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ खेलने का समय मिलेगा।

गंभीर कहते हैं,‘ हम जानते हैं कि एक साल बाद जब हम दक्षिण अफ्रीका जाएंगे तो सीम गेंदबाजी ऑलराउंडर कितने अहम होंगे। सीम गेंदबाजी ऑलराउंडर जितने ज्यादा होंगे हमारे लिए उतना ही अच्छा होगा। मैं फिर यह बताना चाहूंगा कि हार्दिक पाडंया अभी दस ओवर नहीं फेंक सकते हैं और आईपीएल के बाद उन्होंने ज्यादा क्रिकेट नहीं खेली है । हम हार्दिक पांडया को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में उतारने में उतावली नहीं करना चाहते क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट शरीर के लिए बहुत मुश्किल हो सकता है। हार्दिक पांडया यदि भारत ए सीरीज में खेलते हैं और उन्हें मैदान पर खेलने का कुछ वक्त मिलेगा। हार्दिक के लिए साफ यही संदेश है कि वह यदि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ए सीरीज खेलते हैं तो और तब सब कुछ ठीक रहता है तो तब वह वापसी कर टी 20 और वन डे क्रिकेट टीम का हिस्सा बन सकते हैं।’

अगले डेढ़ महीने के भीतर दो भारत ए टीमें और शेष भारत की टीमें क्रिकेट खेलती दिखेंगी जिन्हें सीनियर राष्टीय क्रिकेट चयनकर्ताओं ने हाल ही में घोषित किया है। भारत के लिहाज से असामान्य रूप से यह व्यस्त समय है। जब गौतम गंभीर से इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने माना, ‘जब आप वन डे क्रिकेट विश्व कप की तैयारी में जुटे तो यह साल का कोई आदर्श समय नहीं है। गंभीर ने कहा, ‘एशियाई खेलों के लिए भारतीय टी 20 टीम बहुत पहले ही चुन ली गई थी। चयनकर्ताओं को जब सर्वश्रेष्ठ टीम चुनती होती है उनके लिए यह खासा मुश्किल काम होता है लेकिन एक बात जरूर है कि इससे अन्य खिलाड़ियों के पास भारत की वन डे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में चुने जाने का मौका होता है। इन सीरीज में सफेद गेंद से क्रिकेट के छोटे प्रारूप में नमन धीर और आकिब नबी जैसे नौजवान खिलाड़ियों को मौका मिलता है ,जिससे कि वे यह दिखा सकें कि सफेद गेंद से वह क्या कमाल कर सकते हैं। अच्छी बात है कि हमारे पास क्रिकेटरों का जितना बड़ा पूल होगा हमारे लिए उतना ही बेहतर होगा। अमूमन जब सभी क्रिकेटर उपलब्ध होते है तब अक्सर बाकी क्रिकेटरों को मौका नहीं मिल पाता है। अब ऋतुराज गायकवाड़ , नबी और नमन धीर जैसे नौजवान क्रिकेटरों को खेलने का मौका मिलेगा। जहां क्रिकेटरों के चोटों के चलते उपलब्ध न होने की बात है तो इस बाबत मैं ईमानदारी से कहूंगा तो इससे असुविधा होती है। खासतौर पर आगामी वन डे क्रिकेट विश्व कप के मद्देनजर आप ही चाहेंगे टेस्ट और वन डे क्रिकेट में आपके सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर आपके लिए इनमें खेले। खासतौर भारत के हमारे नौजवान टेस्ट और वन डे क्रिकेट कप्तान शुभमन गिल को यदि बराबर अपनी सर्वश्रेष्ठ एकादश टेस्ट और सफेद गेंद से क्रिकेट के लिए न मिले तो यह उनके साथ भी यह न्याय नहीं होगा।’