मुंबई में स्किन डोनेशन के लिए आगे आने का आह्वान

Appeal to come forward for skin donation in Mumbai

स्किन डोनेशन की कमी से जूझता मुंबई, नेशनल बर्न्स सेंटर की बड़ी अपील

मुंबई (अनिल बेदाग) : मुंबई में स्किन डोनेशन की भारी कमी एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही है। आग से झुलसने वाले मरीजों के इलाज में जहां स्किन ट्रांसप्लांट जीवन रक्षक साबित होता है, वहीं जरूरत के मुकाबले बेहद कम डोनेशन इस संकट को और गहरा बना रहा है। ऐसे में नेशनल बर्न्स सेंटर लगातार जागरूकता फैलाकर लोगों को इस दिशा में प्रेरित करने में जुटा है।

नेशनल बर्न्स सेंटर ने देशभर में स्किन डोनेशन की कमी पर चिंता जताते हुए अधिक से अधिक लोगों से आगे आने की अपील की है। आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई में हर साल जरूरत के मुकाबले केवल 25 प्रतिशत स्किन डोनेशन ही उपलब्ध हो पाता है, जबकि बर्न पीड़ितों में लगभग 70प्रतिशत युवा (15–35 वर्ष) शामिल होते हैं।

सेंटर के डायरेक्टर और प्लास्टिक सर्जन डॉ. सुनील केसवानी कहते हैं, “जागरूकता की कमी के कारण बहुत कम मरीजों को समय पर स्किन ट्रांसप्लांट मिल पाता है। यह एक गंभीर स्थिति है, जिसे सामूहिक प्रयासों से ही सुधारा जा सकता है।”

वे आगे जोड़ते हैं, “हम हर साल सैकड़ों जागरूकता अभियान चलाते हैं ताकि लोग स्किन डोनेशन की अहमियत समझें और आगे आएं।” बर्न सर्वाइवर विराज ठाकुर की कहानी इस पहल की अहमियत को और मजबूत करती है। वे कहते हैं, “स्किन डोनेशन और समय पर इलाज ने मेरी जान बचाई। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे इस नेक काम के लिए आगे आएं।” विशेषज्ञों के अनुसार, मृत्यु के 6 घंटे के भीतर स्किन डोनेशन का निर्णय लिया जा सकता है, जो कई जिंदगियां बचाने में निर्णायक साबित होता है।