सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : भारत का मेहमान अफगानिस्तान के खिलाफ न्यू चंडीगढ़ में शनिवार से शुरू हो रहा इकलौता क्रिकेट टेस्ट भले ही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकिल का हिस्सा नहीं है लेकिन यह टेस्ट अब और अगस्त के बीच टीम इंडिया के श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच की सीरीज खेलने जाने से पहले बेहद अहम है। भारत इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ उसके घर में दो और टेस्ट मैच खेलेगा। भारत का अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं है और इसीलिए वह इसमें प्रयोग भी कर रहा है। भारत फिलहाल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप तालिका में नौ टेस्ट मैंचों में से 48.15% अंकों के साथ छठे स्थान पर है। बावजूद इसके चीफ कोच गौतम गंभीर अभी भी भारत के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने को लेकर खासे आशान्वित हैं। गंभीर ने कहा, ‘जब तक हमें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के लिए क्वॉलिफाई करने का मौका नहीं मिल जाता तब तक हमारा इसकी आस लगाए रखना स्वाभाविक है क्योंकि हमें मालूम है कि हमारे पास कितनी प्रतिभा और उत्कृष्ट खिलाड़ी हैं। यह मानने का कोई कारण नहीं कि हम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप नहीं जीत सकते हैं और यह मैं ही हमारे ड्रेसिंग रूम में बैठा हर कोई जानता है। मुमकिन है कि हमारे लिए कोईएक टेस्ट सीरीज में बुरी जाए लेकिन हमें मालूम है कि हमारे पास कितनी प्रतिभा और हमारी टीम में जीतने की कितनी भूख है। यह भरोसा न करने का कोई कारण है कि हम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप नहीं जीत सकते हैं और यही बात हमारे साथ ड्रेसिंग रूम में बैठा हर कोई व्यक्ति मानता है।
टेस्ट में नतीजा पाने के लिए गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया जा सकता है
गौतम गंभीर ने आईसीसी के उस विचार का समर्थन किया है जिसमें कम होती रोशनी से प्रभावित होने की आशंका वाले टेस्ट मैच के शुरू होने से पहले लाल की बजाय गुलाबी गेंद का इस्तेमाल करने की बात कही गई है। गंभीर ने कहा,‘ यदि टेस्ट में नतीजा हासिल करने का मौका है और दोनों टीमें भी इसके लिए राजी तो गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया जा सकता है बेशक यह खिलाड़ियों कुछ कुछ गैर वाजिब और मुश्किल क्यों न हो। बावजूद इसके जरा सोचे कि दो साल की कड़ी मेहरनत के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले आखिरी टेस्ट में मद्धिम पड़ती रोशनी के चलते पांचों दिनयदि खेल न हो तो तब यह कितनी नाइंसाफी होगी। ऐसे में मुझे लगता है कि यह एक सही और सकारात्मक कदम होगा। मैं उम्मीद करता हूं कि टीमें भी इसके सकारात्मक ढंग से लेना शुरू कर देंगी।’
साई सुदर्शन को तीसरे नंबर पर और मौके दिए जाने की जरूरत
विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद शुभमन गिल के टेस्ट में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने से भारत तीसरे नंबर के लिए सही बल्लेबाज तलाश रहा है। भारत के पास अफगानिस्तान के इकलौते टेस्ट के लिए तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए साई सुदर्शन और देवदत्त पड्डीकल के रूप में दो विकल्प हैं। पड्डीकल ने हालांकि रणजी ट्रॉफी में 543 रन बना बढ़िया प्रदर्शन किया है। बावजूद इसके भारत के चीफ कोच गंभीर ने साफ किया कि साई सुदर्शन को तीसरे नंबर पर और मौके दिए जाने की जरूरत है। साई सुदर्शन ने भारत के लिए छह टेस्ट मैचों में 87 रन के सर्वोच्च स्कोर और दो अर्द्धशतकों सहित 302 रन बनाए हैं। गंभीर ने कहा, ‘सच कहूं साई सुदर्शन को तीसरे नंबर पर अभी पर्याप्त मौका नहीं मिला।
साई सुदर्शन ने अभी कुछ ही टेस्ट खेले है और उन्होंने अपने टेस्ट करियर का आगाज इंग्लैंड में शुरू किया। सभी जानते हैं कि इंग्लैंड में बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता है। साई ने हाल ही में आईपीएल में खासा दमदार प्रदर्शन किया है। हमें साई सुदर्शन को पर्याप्त मौका देना होगा। जहां तक देवदत्त पड्डीकल को टेस्ट में मौका देने की बात है तो उन्हें सही समय पर मौका मिलेगा। आप टेस्ट में एकादश में 11 ही खिलाड़ी चुन सकते हैं। कई बार आपको अपने मौके के लिए इंतजार करना पड़ता है। मेरा मानना है कि जिन खिलाड़ियों को हम खिलाने वाले हैं हम उन्हें पर्याप्त मौका देंगे। फिर यही कहूंगा कि साई सुदर्शन बुरे फॉर्म नहीं हैं और अभी हाल ही में उन्होंने आईपीएल में 700 से ज्यादा रन बनाए हैं। बेशक जब मौका आएगा पड्डीकल को मौका मिलेगा। जब पड्डीकल का समय आएगा हम उन्हें पर्याप्त मौका देंगे। बात सिर्फ किसी को पांच टेस्ट खिलाए जाएं और किसी अन्य को केवल एक टेस्ट मैच देने की नहीं है। हम यदि किसी को खेलने का सही मौका देंगे तो दूसरे को मौका मिलने सही मौका मिलेगा। अभी मुझे यही लगाता कि साई सुदर्शन को सही मौका दिशा जाना चाहिए। वह विश्वस्तरीय क्रिकेटर हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि वह जरूर वापसी करेंगे।’





