मुंबई (अनिल बेदाग): “छुट्टियाँ सिर्फ जगह देखने के लिए नहीं, उसे महसूस करने के लिए होती हैं,” कहती हैं फराह खान, जो हाल ही में क्लूक के समर कैंपेन के तहत सिंगापुर में एक अलग ही अंदाज़ में नजर आईं। इस खास बातचीत में फराह बताती हैं कि सिंगापुर जैसी जानी-पहचानी जगह भी हर बार नई लग सकती है—अगर आप तयशुदा प्लान से बाहर निकलें। “मैं पहले भी यहाँ आ चुकी हूँ, लेकिन इस बार मैंने खुद को सरप्राइज़ होने दिया,” वह हंसते हुए कहती हैं। उनके साथ थे उनके शेफ दिलीप, जिनके लिए हर अनुभव पहली बार था और यही इस यात्रा की असली जान बन गया।
फराह मानती हैं कि आजकल लोग सोशल मीडिया के “सेम-सेम” ट्रैवल पैटर्न में फँस जाते हैं। “एल्गोरिदम आपको वही दिखाता है जो सब कर रहे हैं, लेकिन असली मज़ा तब है जब आप अपनी जिज्ञासा को फॉलो करें,” वह जोड़ती हैं।
क्लूक के इस कैंपेन का मकसद भी यही है यात्रियों को लोकप्रिय जगहों के साथ-साथ छुपे हुए अनुभवों तक ले जाना। “अगर आप सिर्फ लिस्ट फॉलो करेंगे, तो यादें भी कॉपी-पेस्ट जैसी होंगी,” फराह कहती हैं, ‘उनका सीधा संदेश है: अगली बार जब आप छुट्टी पर जाएं, तो प्लान कम और एक्सप्लोर ज़्यादा करें क्योंकि असली ट्रैवल वहीं शुरू होता है, जहाँ प्लान खत्म होता है।’





