रविवार दिल्ली नेटवर्क
बेगूसराय (बिहार) : चर्चित आध्यात्मिक गुरु, होलिस्टिक हीलिंग एक्सपर्ट, ट्रांसफॉर्मेशनल कोच और मोटिवेशनल स्पीकर गुरु रजनी आरएन राजपाल ने 9 बिहार बटालियन एनसीसी के कैंप बरौनी (बेगूसराय) के निपानिया स्थित ओल्ड ट्रांजिट कैंप में एक महत्वपूर्ण वर्कशॉप को कंडक्ट किया। जिसका शीर्षक था पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और इमोशनल इंटेलिजेंस। बांका, भागलपुर, मुंगेर और झारखंड से आए साढ़े पांच सौ एनसीसी कैडेट्स के लिए यह मोटिवेशनल वर्कशॉप सफल सिद्ध हुआ जिसके लिए हीरो राजन कुमार ने उन्हें बधाइयां दी।
हीरो राजन कुमार काफी समय से इन्टरनेशनल मोटिवेशनल स्पीकर डॉ पवन अग्रवाल से जुड़े हुए हैं। देश के विभिन्न हिस्सों सहित विदेशों में भी कई कंपनियों के लिए मोटिवेशनल वर्कशॉप में डॉ पवन अग्रवाल के साथ राजन कुमार शामिल हुए हैं। राजन कुमार ने रजनी आरएन राजपाल को बधाई दी और कहा कि उनकी प्रेरणादायक बातेँ एनसीसी कैडेट्स के लिए बेहद लाभप्रद साबित होंगी। वह ऐसे ही समाज और देश में बदलाव की लहर लाती रहें।
यहां आर्मी के कई ऑफिसर उपस्थित थे। जिनमें ब्रिगेडियर अरुण उनियाल, ग्रुप कमांडर एनसीसी भागलपुर, लेफ्टिनेंट कर्नल विकास मंडल, बटालियन भागलपुर, कर्नल दीपक कुमार कमांडेड CO 9 बिहार, सूबेदार मेजर शीतल’ सिंह 4 बिहार, लेफ्टिनेंट तुषारकांत झा 4 बिहार, लेफ्टिनेंट डॉ प्रियंवदा कुमारी, 2nd ऑफिसर डॉ. कादम्बनी कुमारी, 2nd ऑफिसर पूनम कुमारी इत्यादि के नाम उल्लेखनीय है। ये कैंप 8 दिनो का है और दो दिन बाकी हैं। 4-5 जिले के सैकड़ों बच्चों ने कैंप में सहभागिता की है।
गौरतलब है कि गुरु रजनी आरएन राजपाल ने देश भर में अनेकों वर्कशॉप और ट्रांसफॉर्मेशनल प्रोग्राम आयोजित किए हैं। उन्होंने लोगों, संस्थाओं और अलग-अलग समुदायों को समग्र स्वास्थ्य की ओर मार्गदर्शन किया है। उनका काम प्राचीन ज्ञान को व्यावहारिक तकनीकों के साथ जोड़ता है, जिससे लोग शारीरिक, भावनात्मक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन बना पाते हैं। उनके कई क्लाइंट्स ने गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं – जैसे थायरॉयड की बीमारी, डायबिटीज, कैंसर, दिल की बीमारी, सांस की तकलीफ़ और लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने जैसी स्थितियों से निपटने के दौरान उल्लेखनीय सुधार और रिकवरी की बात कही है। गुरु रजनी आरएन राजपाल को ऋषिकेश में ज्ञान कांड के तहत भारत की पहली ‘वॉटर हीलिंग थेरेपी’ आयोजित करने का श्रेय भी जाता है। ज्ञान कांड में अपने अग्रणी काम के अलावा, वह एक कुशल रेकी ग्रैंडमास्टर, थीटा हीलर, क्लिनिकल हिप्नोथेरेपिस्ट, न्यूमेरोलॉजिस्ट और NLP कोच भी हैं। उन्होंने जीवन के हर क्षेत्र के पेशेवरों, शिक्षण संस्थानों और आध्यात्मिक साधकों का मार्गदर्शन किया है और उन्हें स्वस्थ, खुशहाल और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए सशक्त बनाया है।
बेगूसराय में उन्होंने उपस्थित एनसीसी कैडेट्स में आत्म-जागरूकता और आत्म-विश्वास को बढ़ाया, अपनी खूबियों की पहचान करने, सकारात्मक सोच को विकसित करने पर जोर दिया। हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने, भावनाओं को नियंत्रित करने, सशक्त बनाने वाली सोच विकसित करने की बात कही।





