केजरीवाल सरकार ने 60 परसेंट तक बढ़ाया विधायकों का वेतन,विरोधी भाजपा वाले भी माैन

संदीप ठाकुर

दिल्ली के विधायकों की सैलरी में बंपर बढ़ोतरी हाेने वाली है। लगभग 60
परसेंट तक। दिल्ली सरकार ने यह फैसला लिया है। नए फैसले के मुताबिक अब
दिल्ली के एक विधायक को प्रति माह 90 हज़ार रुपये मिला करेंगे। इसमें
सैलरी और भत्ता दाेनाें शामिल हैं। अभी कुल मिला कर 54 हजार रुपए मिलते
हैं। दिल्ली कैबिनेट ने मंगलवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
कैबिनेट ने इसे मंजूरी ताे दे दी लेकिन क्या केजरीवाल सरकार इसे लागू करा
पाएगी ? साल 2015 में भी दिल्ली सरकार ने विधायकों के वेतन बढ़ाने का
कानून दिल्ली विधानसभा से पास करके केंद्र सरकार को भेजा था, जिसको
केंद्र सरकार ने अस्वीकार करते हुए वापस लाैटा दिया था। मजे की बात देखिए
कि हर छाेटी छाेटी बात पर केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली भाजपा के
विधायक भी सैलरी बढ़ाए जाने काे लेकर मौन हैं। माल का जो सवाल है।

विधायकों की सैलरी बढ़ाने के प्रस्ताव पर दिल्ली सरकार का कहना है कि यह
अब भी अन्य राज्यों के मुकाबले कम है। महंगाई जिस रफ्तार से बढ़ी है
सैलरी उसके मुकाबले बेहद कम है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि
आखिर किस राज्य के विधायक को कितनी सैलरी मिलती है। सैलरी के हिसाब से
देखा जाए तो तेलंगाना टॉप पर है। वहीं त्रिपुरा के विधायकों की सैलरी
सबसे कम है। तेलंगाना के विधायकों को सैलरी और अलाउंस मिलाकर प्रति माह
2.50 लाख रुपये मिलता है। वहीं त्रिपुरा में विधायकों को प्रतिमाह 34
हजार रुपये सैलरी मिलती है। सैलरी के अलावा विधायकों को कई दूसरी
सुविधाएं भी मिलती हैं। विधायक निधि तो है ही साथ ही सरकारी आवास, मेडिकल
सुविधा, कार्यकाल समाप्त होने के बाद पेंशन, एक व्यक्ति के साथ रेल
यात्रा फ्री पास आदि की भी सुविधा मिलती है। तेलंगाना के बाद देखा जाए तो
वेतन के हिसाब से यूपी का नंबर आता है। उत्तर प्रदेश में विधायकों की
सैलरी प्रतिमाह 2.10 लाख रुपये है। वहीं इस सूची में इसके बाद महाराष्ट्र
का नंबर आता है जहां एमएलए की सैलरी एक लाख 70 हजार रुपये है। गुजरात में
विधायकों की सैलरी 1 लाख 16 हजार रुपये महीना है। वहीं बात की जाए बिहार
की तो यहां विधायकों का वेतन एक लाख 14 हजार रुपये प्रतिमाह है। किस
राज्य के विधायकों काे बतौर सैलरी कितना मिलता है उस पर एक नजर डालते
हैं।

राज्य वेतन
तेलंगाना ₹2,50,000
उत्तर प्रदेश ₹2,10,000
गुजरात ₹1,16,000
बिहार ₹1,14,000
पंजाब ₹84,000
ओडिशा ₹1,00,000
राजस्थान ₹1,42,000
आंध्र प्रदेश ₹1,75,000
तमिलनाडु ₹1,05,0000
गोवा ₹1,99,000
मध्य प्रदेश ₹1,10,0000
छत्तीसगढ़ ₹80,000
कर्नाटक ₹1,65,000
पश्चिम बंगाल ₹81,800
हिमाचल प्रदेश ₹1,90,000
उत्तराखंड ₹2,04,00
हरियाणा ₹1,55,000

वैसे कई सालों से दिल्ली में विधायकों की सैलरी बढ़ाने का मामला लटका था
जिसपर अब सहमति बनती नजर आ रही है। ऐसी सूचना है कि विधायकों की सैलरी
में बढ़ोतरी को लेकर दिल्ली विधानसभा में बिल पेश करने को लेकर केंद्रीय
गृह मंत्रालय की ओर से अग्रिम मंजूरी मिल गई है। विधायकों की सैलरी से
जुड़ा बिल अब दिल्ली विधानसभा में पास किया जाएगा और उसके बाद सैलरी
बढ़ोतरी को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है। विधायकों की सैलरी 54
हजार से बढ़ कर 90 हजार हो जाएगी। दिल्ली के विधायकों के वेतन और भत्तों
को आखिरी बार 2011 में संशोधित किया गया था। 2015 में भारी जनादेश के साथ
चुने जाने के बाद आप विधायकों ने अपने वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि की मांग
करते हुए तर्क दिया था कि मौजूदा वेतन उनके परिवार और कार्यालयों को
चलाने के लिए पर्याप्त नहीं । लेकिन केंद्र सरकार ने आप सरकार की मांगों
पर मुहर लगाने से इंकार कर दिया था। इस बार दिल्ली के विधायकों का
प्रस्तावित सैलरी स्ट्रक्चर कुछ यूं है। बेसिक 30,000, चुनाव क्षेत्र
भत्ता- 25,000, सचिवालय भत्ता 15,000 , वाहन भत्ता- 10,000, टेलीफोन-
10,000 और इस तरह कुल सैलरी- ₹90,000।