सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : लगातार दो मैच हारने के बाद आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा नौ शतक जड़ने और सबसे ज्यादा रन बनाने विराट कोहली (9145 रन) के दम पर पिछले लगातार दो मैच जीतने वाली शीर्ष पर चल रही मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू(आरसीबी) हार के ‘पंजे’ में फंसी पिछली उपविजेता पंजाब किंग्स को उसके दूसरे घरेलू मैदान धर्मशाला में शनिवार को हरा कर 2026 में प्ले ऑफ में अपना स्थान पक्का करने उतरेगी। आरसीबी ने पंजाब किंग्स से अपने पिछले पांच में चार मैच जीते हैं और वह उसके खिलाफ अपनी जीत के इसी सिलसिले को आगे बढ़ा कर अपनी श्रेष्ठता बरकरार रखने की कोशिश करेगी। आरसीबी ने पंजाब किंग्स को 2025 में अपने घर बेंगलुरू में फाइनल में छह रन से हरा कर पहली बार खिताब जीता था। आरसीबी 12 मैचों में आठ जीत और मात्र चार हार के साथ 16 अंकों और अपनी बेहतर नेट रन रेट के चलते शीर्ष पर चल रही हैं। वहीं श्रेयस अय्यर की अगुआई वाली पंजाब किंग्स इस सीजन में केकेआर के खिलाफ तीसरा मैच बारिश के चलते बेनतीजा अधूरा समाप्त होने और शुरू के सात में छह मैच जीतने के बाद लगातार पांच हार कर राह भटक गई और उसके 12 मैचों से 13 अंक हैं। पंजाब किग्स को अब उसे प्ले ऑफ में पहुंचने के लिए आरसीबी से शनिवार को फिर अगले शनिवार को लखनउ सुपर जायंटस से अपने मैच जीतने जरूरी हैं। वहीं आरसीबी शनिवार को पंजाब किग्स के खिलाफ खेलने के बाद अंतिम लीग मैच इस शुक्रवार को सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) से हैदराबाद में खेलेगी। आरसीबी अगले शनिवार को एसआरएच के खिलाफ आखिरी लीग मैच से पहले धर्मशाला में ही पंजाब किंग्स से मैच जीत प्ले ऑफ में स्थान पक्का करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी।
लगातार दो मैच में शून्य पर आउट होने के बाद विराट कोहली ने अविजित शतक जड़ आरसीबी को केकेआर पर रायपुर में छह विकेट से जीत दिला रंगत वापस पाई। वहीं पंजाब किंग्स अपने पिछले पांच में चार मैच 200 रन बनाने अथवा इसके पार पहुंचने के बावजूद हारी। पंजाब किंग्स अपना पिछला मैच धर्मशाला में मुंबई इंडियंस से मैच की अंतिम पूर्व गेंद पर छह विकेट से हारी। लगातार पांच मैच हार पंजाब किंग्स को यह बात बेशक ठीक से समझ आ गई होगी क्रिकेट भी सांप सीढ़ी के खेल से कम नहीं जरा सा चूके नहीं कि आप अर्श से फर्श पर आ गए।
विराट कोहली (484 रन) 12 मैचों में एक शतक और तीन अर्द्धशतक जड़ कर फिलहाल आरसीबी के लिए रन बनाने में सबसे आगे हैं, देवदत्त पड्डीकल (367 रन) और कप्तान रजत पाटीदार (337 रन) ने तीन तीन अर्द्धशतक व क्रुणाल पांडया( 141 रन) व टिम डेविड (234 रन) , रोमारियो शेफर्ड (11 मैच, 83 रन) ने एक एक अर्द्धशतक जड़ा है। आरसीबी के भरोसेमंद सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट (6 मैच, 202 रन) ने दो अर्द्धशतक जड़े लेकिन चोट से स्वदेश लौट गए थे लेकिन वह प्ले ऑफ तक वापस टीम से जुड़ सकते हैं। आरसीबी की चिंता जीतेश शर्मा (12 मैच, 90 रन), जैकब बैथल (6 मैच, 85रन) का रनों के लिए जूझना है। पंजाब किंग्स के लिए भले ही 12 मैचों में बाए हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह (13 विकेट) ने सबसे ज्यादा विकेट चटकाए हैं लेकिन उन्होंने टुकड़ों टुकड़ों में ही अच्छी गेंदबाजी की है। पंजाब किग्स के लिए लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल (9 विकेट), विजय वैशाख(9 मैच, 9 विकेट), जेवियर बार्टलेट (9मैच, 5 विकेट),शशांक सिंह (10 मैच, 3 विकेट), स्टोइनस ( 2 विकेट) गेंदबाजी इकाई के रूप में जिस तरह जूझ रहे हैं। आरसीबी की कोशिश धर्मशाला में पंजाब किंग्स की इसी कमी को भुनाने की होगी।
पंजाब किंग्स के लिए प्रभसिमरन सिंह( 439 रन) 12 मैचों में पांच अर्द्धशतक सहित रन बनाने में सबसे आगे चल रहे है जबकि कोनोर कॉनोली (436 रन) एक शतक और दो अर्द्धशतक सहित दूसरे, कप्तान श्रेयस अय्यर (396 रन) पांच अर्द्धशतक और नौजवान सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य (11 मैच, 364 रन) ने तीन अर्द्धशतक, मरकस स्टोइनस (11 मैच, 179 रन) और सूर्यांश शेडगे (5 मैच, 114 रन) ने एक -एक अर्द्धशतक जड़ा है। वहीं शशांक सिंह (10 मैच, 76 रन), मार्को येनसन(51 रन) का रनों के जूझना जरूर पंजाब किंग्स को अखर रहा है। पंजाब किंग्स के प्रभसिमरन सिंह व प्रियांश आर्य की सलामी जोड़ी और कूपर कोनाली और कप्तान श्रेयस अय्यर को आरसीबी और मौजूदा सीजन के 12 मैचों के सबसे कामयाब स्विंग के उस्ताद भुवनेश्वर कुमार (22 विकेट),जोश हेजलवुड (9मैच, 11 विकेट), बाएं हाथ के स्पिनर क्रुणाल पांडया (10 विकेट), रोमारियो शेफर्ड (6विकेट)से चौकस रहना होगा। आरसीबी के तेज गेंदबाजो भुवनेश्वर और हेजलवुड ने यदि पंजाब किंग्स के प्रभसिमरन व प्रियांश की सलामी जोड़ी और कप्तान श्रेयस अय्यर और कोनोली को सस्ते में आउट कर दिया तो उसका प्ले ऑफ पहुंचना अधर में लटक सकता है।
हम पंजाब किंग्स से मैच जीतने की कोशिश करेंगे : रजत पाटीदार
आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने कहा , ‘मेरी चोट अब ठीक है। आईपीएल में अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंचना शानदार है। आप टूर्नामेंट में बढ़िया खेलते हैं तो तो इस सफर में अलग -अलग मोड़ पर, अलग- अलग खिलाड़ी टीम के लिए योगदान करता है। हम एक समय एक मैच पर ध्यान लगा एक- एक कदम आगे बढ़ा रहे हैं। हमने पहले केकेआर को 192 रन पर रोका और हमारे लिए यह अच्छा संकेत था। हम पिछला मैच भी इसी पिच पर खेले थे और तब इस पर असमान उछाल था। हम इसीलिए चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरे। विराट भाई की शानदार पारी के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं और वह तो बड़े कारनामे करने के अभ्यस्त हो गए हैं। हमने बढ़िया क्रिकेट खेली। हमारे अब दो और लीग मैच बाकी हैं। मैं एक समय बस एक मैच की बाबत ही सोचता हूं। अब हम पंजाब किंग्स से शनिवार को धर्मशाला में खेलेंगे। धर्मशाला की पिच बल्लेबाजी के लिए बढ़िया है और हम पंजाब किंग्स से यह मैच जीतने की कोशिश करेंगे। साल्ट जल्द ही इंग्लैंड से वापस लौट टीम से जुड़ेंगे।’
हमें अपने बाकी दोनों मैच जीतना जरूरी : श्रेयस अय्यर
पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा, ‘मुंबई इंडियंस के हाथों धर्मशाला में मिली हार को पचा पाना मुश्किल है। मैं इस मैच में किसी एक बात पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा। यह मैच क्रिकेट के लिहाज से शानदार रहा। मुंबई इंडियस के लिए तिलक वर्मा ने गजब की पारी खेली और बराबर क्षेत्ररक्षकों के बीच से गेंद निकाली। तिलक वाकई प्रशंसा के हकदार है। हम अब आरसीबी के मैच को लेकर रोमांचित है।अब हमें अपने बाकी दिन के दोनों मैच जीतना जरूरी है।’
शतक बने या न बने, अहम है मैच जिता कर लौटना: विराट कोहली
आरसीबी के धुरंधर बल्लेबाज विराट कोहली ने कहा, ‘केकेआर पर जीत पर बड़ा जश्न नहीं मनाया क्योंकि हम अंकों की अहमियत जानते हैं। यह टीम के लिए सार्थक योगदान की कोशिश है। केकेआर के खिलाफ मैच से पहले पिछले दो मैच में रन न बना मुझे अखर रहा था क्योंकि मैं बढ़िया खेल रहा था। यह आपको बेशक परेशान करता है क्योंकि आपकी कोशिश अपना सर्वश्रेष्ठ देने की होती है। शतक बने या न बने अहम है मैच जिता कर लौटना है। दबाव आपको विनम्र बनाए रखता है। दबाव आपको हमेशा अपना खेल बेहतर करने में मदद करता है। कई मैच में जब आप रन नहीं बनाते तो इससे पैदा हुई बैचेनी आपको बढ़िया प्रदर्शन करने में मदद करती है। इसमें काफी प्रयास लगता है लेकिन इससे आपका खेल बेहतर होता है। आपकी ये छोटी -छोटी नाकामियां इसलिए अहम है क्योंकि ये आपको वापसी करने में मदद करती है। मुझे सबसे खुशी इस बात से हुई कि मैंने बहुत आक्रामक तेवर अपनाने की बजाय अपने खुद के खेल पर भरोसा किया। मैंने क्षेत्ररक्षकों के बीच दरार तलाश कर अपने स्ट्रोक खेले। मुझे बल्लेबाजी करना बहुत भाता है। क्रिकेट में अभी भी सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना गर्व की बात है। मैं अभी भी पूरे दिलो जान से खेल रहा हूं। मैं जितने समय खेल रहा हूं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता हूं। दबाव में मैं खुद को बेहतर करने की चुनौती देता हूं। खेल आपको बतौर इनसान बहुत कुछ सिखाता है। दबाव में बढ़िया प्रदर्शन ही आपके जज्बे को दर्शाता है। मुझे क्रिकेट से बहुत प्यार है और इसीलिए मैं इतने लंबे समय से खेल रहा हूं। मुझे आज भी बल्ले के बीच से गेंद पर प्रहार करना पसंद है। प्रभु की कृपा है कि मैं आज भी क्रिकेट का लुत्फ उठा रहा हूं।’
शनिवार : आरसीबी वि पंजाब किंग्स (धर्मशाला, दोपहर बाद साढ़े तीन बजे से)।





