नगर पंचायत केदारनाथ ने धाम को प्लास्टिक वेस्ट से मुक्त रखने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की

Nagar Panchayat Kedarnath achieved significant success in keeping the Dham free from plastic waste

रविवार दिल्ली नेटवर्क

देहरादून : श्री केदारनाथ धाम में उमड़ती तीर्थयात्रियों की भीड़ के बीच, नगर पंचायत केदारनाथ ने धाम को प्लास्टिक वेस्ट से मुक्त रखने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। यात्रा के पहले एक सप्ताह में ही नगर पंचायत ने करीब एक हजार किलो प्लास्टिक वेस्ट एकत्रित करते हुए कॉम्पेक्ट कर लिया है। नगर पंचायत गीले कचरे के निस्तारण के लिए भी पक्के पिट बनाने जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ ही अपने नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए जाना जाता है। इसलिए यहां आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री से हमारी विनम्र अपील है कि वो प्लास्टिक वेस्ट या अन्य तरह का कचरा इधर- उधर न डालें। उत्तराखण्ड सरकार, तीर्थ स्थलों के साथ ही यहां की पवित्र नदियों और पर्वतराज हिमालय के पर्यावरण संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। धामों के साथ ही यात्रा मार्ग पर नगर पालिकाओं और ग्राम पंचायतों के माध्यम से सफाई कराई जा रही है।

ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार, 22 अप्रैल को खोले गए थे। यात्रा के पहले ही दिन से धाम में तीर्थयात्रियों की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ रही है । इस कारण धाम में भारी मात्रा में प्लास्टिक वेस्ट पहुंच रहा है, जिसका मुख्य कारण पानी की बोतलें हैं। हालांकि नगर पंचायत केदारनाथ इस स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही तैयार थी। इसके लिए नगर पंचायत की ओर से धाम में 3 हजार वर्ग फिट क्षेत्र में मटीरियल रिकवरी फैसीलिटी स्थापित की गई है। जहां धाम में एकत्रित होने वाले प्लास्टिक वेस्ट और अन्य ठोस कचरे को जमा कर, 15 अलग- अलग श्रेणियों में छांटा जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से प्लास्टिक वेस्ट, कांच और टिन, कपड़े जैसा कचरा शामिल होता है। यही पर नगर पंचायत की ओर से कॉम्पेक्टर मशीन भी लगाई गई है, जो बोतल आदि प्लास्टिक वेस्ट को पिचकाकर 30 से 40 किलो की गठरी के तौर पर तैयार कर देती है।