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आलेख
वैश्विक संकटों के दौर में परिवार ही रिश्तों की अंतिम शरणस्थली
ललित गर्ग हर वर्ष 15 मई को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस एक मानवीय रिश्तों का उत्सव ही नहीं, बल्कि मानव सभ्यता को उसकी जड़ों की याद दिलाने का…
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आलेख
सनातन पर हमले का ना खत्म होने वाला सिलसिला
संजय सक्सेना 12 मई 2026 को तमिलनाडु विधानसभा में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने करोड़ों सनातनियों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचाई। डीएमके नेता और नवनिर्वाचित नेता प्रतिपक्ष…
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आलेख
लोकलुभावन राजनीति और राज्यों पर बढ़ता ऋण बोझ
डॉ. प्रियंका सौरभ भारत में राज्यों का लगातार बढ़ता ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात आज केवल एक आर्थिक संकेतक नहीं, बल्कि देश की वित्तीय स्थिरता और सहकारी संघवाद के लिए गंभीर…
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आलेख
पश्चिम बंगाल में बदलाव, ‘इंडिया’ से बांग्लादेश तक सहमा
संजय सक्सेना पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में अपनी सरकार बना ली है, जो दशकों पुरानी तृणमूल कांग्रेस की सत्ता को…
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आलेख
सोना छोड़ो, तेल बचाओ: क्या हम ‘आर्थिक आपातकाल’ की दहलीज पर हैं?
दिलीप कुमार पाठक पीएम मोदी ने हैदराबाद के मंच से देशवासियों के सामने सात अपीलें रखीं, जो केवल राजनीतिक भाषण नहीं था, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के बदलते मिजाज का…
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आलेख
गाली जब स्वैग बन जाए, तो समझिए समाज अभद्र हो चला है
दिलीप कुमार पाठक आज 14 मई है। कैलेंडर कहता है कि आज ‘राष्ट्रीय शालीनता दिवस’ है। सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है कि क्या अब शालीन रहने के लिए…
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आलेख
पेपर लीक से हर साल छात्रों के साथ देश को हो रहा नुकसान
अशोक भाटिया पेपर लीक के कारण मेडिकल डिग्री प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) परीक्षा रद्द होने के बाद ईमानदार छात्रों के मन में निराशा, गुस्सा, हताशा,…
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राष्ट्रीय
राजस्थानी भाषा को शिक्षा माध्यम बनाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन ने जताया हर्ष
प्रमोद शर्मा कोलकाता/जोधपुर : राजस्थान में सरकारी एवं निजी विद्यालयों में राजस्थानी भाषा को शिक्षा के माध्यम के रूप में अनिवार्य किए जाने संबंधी माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर…
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आलेख
चांद की ओर बढ़ते कदम: भारत को स्पेस युग की जरूरत
विवेक शुक्ला भारत आज उन चुनौतियों का सामना कर रहा है जिनका समाधान पृथ्वी की सीमाओं में नहीं है। बढ़ती आबादी, सीमित संसाधन, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा की मांग हमें…
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आलेख
अंकों की अंधी दौड़ और खोता बचपन
डॉ. प्रियंका सौरभ “अंकों की इस दौड़ में, बचपन हुआ उदास।कंधों पर उम्मीद का, भारी पड़ा लिबास॥” भारत जैसे विकासशील देश में शिक्षा को हमेशा से सम्मान और प्रगति का…
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