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आलेख
क्या पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बन पायेगा ?
सौरभ वार्ष्णेय आज की पत्रकारिता: संघर्ष, जिम्मेदारी और विश्वास की परीक्षा बन कर रह गई है। लोकतंत्र के चार प्रमुख स्तंभों में पत्रकारिता को केवल कहने भर को विशेष स्थान…
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आलेख
बंद मुट्ठी लाख़ की खुल गई तो ख़ाक की
पारिवारिक, सामाजिक, व्यवसायिक, राजनीतिक सहित अनेक क्षेत्रों के संबंध में बंद मुट्ठी लाख़ की खुल गई तो ख़ाक की कहावत सटीक भारतीय संस्कृति में बड़े बुजुर्गों की कहावतों की व्यवहारिक…
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खेल
अब ध्यान इस पर कि हम तीसरी बार आईपीएल खिताब कैसे जीत सकते हैं: रजत पाटीदार
जब आप ट्रॉफियां जीतते हैं तो वैयक्तिक प्रदर्शन पर ध्यान नहीं देते सत्येन्द्र पाल सिंह नई दिल्ली : रजत पाटीदार ने अपनी कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (आरसीबी) को रविवार…
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आलेख
आधुनिकता की ओर बढ़ने के लिए…
डॉ. विजय गर्ग पिछले कुछ दशकों में मानव सभ्यता ने इतनी तेजी से प्रगति की है कि शायद इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, संचार, परिवहन एवं जीवन…
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आलेख
अमेरिका-ईरान तनाव, समझौते और युद्ध के बीच झूलती दुनियाँ
एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं वैश्विक स्तरपर ईरान और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच चल रहा वर्तमान टकराव 2026 की सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय घटनाओं में से एक बन चुका है। स्थिति इतनी…
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राज्य
राजस्थान में रेल विकास – विकास की नई पटरियों पर दौड़ता प्रदेश
गोपेन्द्र नाथ भट्ट राजस्थान भौगोलिक दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है। विशाल क्षेत्रफल, अंतरराष्ट्रीय सीमा, पर्यटन की अपार संभावनाएं तथा खनिज और औद्योगिक संपदा के कारण यहां सुदृढ़…
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आलेख
पसीने का विज्ञान: शरीर का प्राकृतिक शीतलन तंत्र
डॉ विजय गर्ग गर्मियों के दिनों में, व्यायाम करते समय या तनावपूर्ण परिस्थितियों में हमारे शरीर से पसीना निकलना एक सामान्य घटना है। अधिकांश लोग पसीने को केवल असुविधा या…
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आलेख
विश्व शांति के लिये सबसे बड़ा ख़तरा है इस्राईल
तनवीर जाफ़री दशकों से वैश्विक स्तर पर ईरान को एक खलनायक राष्ट्र के रूप में पेश करने की घिनौनी साज़िश रची जाती रही है। इस्राइल यह बार बार दोहराता रहा…
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आलेख
क्या गुंडागर्दी ही अब नई राजनीति है?
दिलीप कुमार पाठक पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हुआ हमला बेहद परेशान करने वाला है। लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं हो सकती, फिर चाहे वह…
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आलेख
श्वेत क्रांति से पोषण क्रांति तक : दुग्ध क्षेत्र की नई उड़ान
सुनील कुमार महला प्रतिवर्ष 1 जून को दूध के पोषण महत्व तथा डेयरी क्षेत्र के योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से विश्व दुग्ध दिवस मनाया जाता है। यहां पर…
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