भारतीय सेना और उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान मे सूर्य देवभूमि चैलेंज का समापन हुआ

The Surya Devbhoomi Challenge concluded under the joint aegis of the Indian Army and the Uttarakhand Tourism Department

रविवार दिल्ली नेटवर्क

देहरादून : एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर (टिहरी) में भारतीय सेना और उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान मे सूर्य देवभूमि चैलेंज के समापन समारोह हुआ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सूर्य देवभूमि चैलेंज में भारतीय सेना के 100 जांबाज़ जवानों के साथ देशभर से आए लगभग 200 साहसिक ट्रैकर्स ने प्रतिभाग किया। हाई एल्टीट्यूड मैराथन में भाग लेने वाले लोगों ने केदार-बदरी ट्रेल में हेलंग से कलगोट, कलगोट से मंडल होते हुए उखीमठ तक 113 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण यात्रा में सफलता प्राप्त की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभागियों ने साहसिक प्रतियोगिता के साथ श्री बदरीनाथ, श्री केदारनाथ धाम सहित पंच केदार को जोड़ने वाले ऐतिहासिक और आध्यात्मिक मार्ग की भी यात्रा की है। उन्होंनेकहा कि सेना, देश की सीमाओं की रक्षा के साथ ही समाज और युवाओं को प्रेरित करने वाले ऐसे आयोजनों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस प्रकार के आयोजन युवाओं के भीतर अनुशासन, साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत बनाने का कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि ये आयोजन समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में सहायक सिद्ध होने के साथ ही सीमांत क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने में भी मददगार साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अंतर्गत हमारे सीमावर्ती गांवों के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में भी अभूतपर्व कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष हर्षिल-मुखबा में शीतकालीन प्रवास के दौरान कई साहसिक खेलों को बढ़ावा दिया था। राज्य सरकार, राज्य में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में एंगलिंग, राफ्टिंग, कयाकिंग, ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग, साइकिलिंग और माउंटेनियरिंग जैसी गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा दिया जा रहा है।

गढ़वाल स्काउट के मेजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत 16 अप्रैल को बदरीनाथ में आयोजित एक्सपो के साथ हुई। इसके बाद 17 अप्रैल को हेलंग से कलगोट, 18 अप्रैल को कलगोट से मंडल और 19 अप्रैल को मंडल से उखीमठ तक मैराथन चरण आयोजित किए गए।