154 कृत्रिम अंगों ने बदली 104 दिव्यांगजनों की जिंदगी

154 prosthetic limbs transformed the lives of 104 differently-abled individuals

मुंबई (अनिल बेदाग) : मुंबई में शनिवार को उस समय भावुक और प्रेरणादायक माहौल देखने को मिला, जब 104 दिव्यांगजन अपने जीवन की नई शुरुआत की ओर कदम बढ़ाते नजर आए। वडाला स्थित निको हॉल में आयोजित नारायण सेवा संस्थान के निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं कैलीपर्स वितरण शिविर में 154 अत्याधुनिक कृत्रिम अंगों का वितरण किया गया। यह केवल उपकरणों का वितरण नहीं था, बल्कि उन लोगों को आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता लौटाने का प्रयास था, जो वर्षों से शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

जापानी और जर्मन तकनीक पर आधारित 3D प्रिंटिंग प्रोस्थेटिक समाधान लाभार्थियों को उपलब्ध कराए गए, जिनकी सटीक फिटिंग और आरामदायक उपयोगिता उन्हें बेहतर गतिशीलता प्रदान करेगी। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के कौशल एवं उद्यमिता विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा, “लाभार्थियों को आत्मनिर्भरता की ओर अपना पहला कदम बढ़ाते देखना हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति रखते हैं।” नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा, “एक कृत्रिम अंग केवल शरीर का सहारा नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और नए सपनों का आधार होता है। हमारा लक्ष्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में सशक्त रूप से स्थापित करना है।”

उल्लेखनीय है कि संस्थान अब तक 39,591 से अधिक दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध करा चुका है, जबकि 4.52 लाख से अधिक लोगों को निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं। मुंबई का यह शिविर सेवा, संवेदना और सामाजिक सशक्तिकरण का एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा।