गोपेन्द्र नाथ भट्ट
राज्य कर्मचारी किसी भी सरकार की रीढ़ मानी जाती है। कर्मचारियों की नाराजगी किसी भी सरकार को बनाए रखने और गिराने वाली साबित हो सकती हैं। इसीलिए हमेशा राज्य सरकार बजट में अपने कर्मचारियों की मांग का ख्याल रखती हैं और इसी कारण कर्मचारियों को बजट से खासी उम्मीदें रहती हैं।
राजस्थान सरकार के इस बार के बजट के लिए प्रोबेशन काल में पूरे वेतन और अन्य सुविधाओं जैसी अहम मांगों पर घोषणा की मांग कर रहे हैं तो पूरानी घोषणाओं के क्रियान्वयन के कदम उठाने का भी आवाज उठाई जा रही है। हर बजट से सरकारी कर्मियों को खासी उम्मीदें रहती हैं और इस बार भी कर्मचारियों की आशाओं का पारावार उमड़ रहा है। युवा सरकारी कर्मचारी प्रोबेशन काल से ही अपने लिए वेतन और अन्य वित्तीय सुरक्षा की मांग कर रहे हैं कि प्रोबेशनर्स को प्रोबेशन काल में अन्य राज्यों की तर्ज पर पूरा वेतन दिया जाए या उनकी फिक्स पे में बढोतरी की जाए। प्रोबेशनर्स को प्रोबेशन काल में पीएल,मेडिकल लीव,ऐच्छिक अवकाश और अन्य सुविधाएं दी जाएं। 8,16,24,32 साल के अनुभव के आधार पर पदोन्नति का फॉर्मूला पहले की सहमति के आधार पर लागू किया जाए। इस साल भी ऊपरी पदों को भरने के लिए कर्मचारियों को अनुभव में दो वर्ष की छूट दी जाए।
यह मांग भी है कि सचिवालय कैडर का पुनर्गठन करके नए पदों का सृजन किया जाए। अन्य राज्यों की तर्ज पर महिला कर्मचारियों को महीने में दो दिन का पीरियड लीव दिया जाए। आरजीएचएस के तहत समस्याओं को दूर किया जाए और इस योजना के दायरे में सारी दवाइयां और अन्य सुविधाओं को कवर किया जाए।आंगनबाड़ी कर्मचारियों को रिटायरमेंट बाद दो से तीन लाख की एकमुश्त राशि की घोषणा की पालना की जाए। गनबाड़ी कर्मचारियों को गुजरात हाईकोर्ट के आदेश अनुसार गुजरात सरकार की तर्ज पर ग्रेच्यूटी राशि दी जाए। संविदा कर्मचारियों को भी अनुभव में दो वर्ष की छूट दी जाए। सरकारी कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर की जाए। ठेकाकर्मियों को समायोजित करने की घोषणा पर अमल हो। कई वर्षों से तकनीकी कर्मियों की नई भर्ती नहीं हुई,यह भर्ती और विभागों में अन्य भर्तियां समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं। मुद्रण विभाग में 1992 के बाद नई भर्ती नहीं हुई है. विभाग में नई भर्ती की जाए। अधीनस्थ मंत्रालयिक कर्मचारियों के निदेशालय बनाने,3600 ग्रेड पे और सचिवालय समान वेतनमान जैसी प्रमुख मांगें कई वर्षों से जारी हैं।इनमें से दो वर्ष के अनुभव में छूट जैसी कुछ मांगों को बजट घोषणा में रखा जा सकता है, हालांकि अधीनस्थ मंत्रालयिक कर्मचारियों की मांगों को लेकर क्रियान्विति का सालों से इंतजार जारी है।
देखना है भजनलाल सरकार कर्मचारियों की उम्मीदों के अनुरूप बजट में अपनी उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी से 11 फरवरी को क्या घोषणा करवाने जा रही है?





