- सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत के लिए बाकी दोनों सुपर 8 मैच जीतने जरूरी
- कप्तान सूर्य बोले, हमने बढ़िया गेंदबाजी की,पर अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर पाए
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : सदाबहार अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (3/15) और अर्शदीप सिंह (2/28) की बेहतरीन गेंदबाजी कर शुरू के चार ओवर में दक्षिण अफ्रीका के तीन विकेट मात्र 20 विकेट निकालने के बाद अपने उपकप्तान बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर अक्षर पटेल को बाहर रख कर ऑफ स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर को एकादश में शामिल करने का दांव उलटा पड़ने के चलते मौजूदा चैंपियन भारत पिछली उपविजेता दक्षिण अफ्रीका से अहमदाबाद में आईसीसी टी 20 क्रिकेट विश्व कप में ग्रुप 1 के अहम सुपर 8 मैच में रविवार रात 76 रन से हार गया । सच तो यह है कि भारत यह सुपर 8 मैच अपनी गलत रणनीति के चलते ही हारा न कि दक्षिण अफ्रीका ने यह मैच जीता। इसी के चलते भारत सेमीफाइनल में स्थान बनाने को लेकर अगर मगर में फंस गया। दक्षिण अफ्रीका ने रविवार की जीत के साथ टी 20 विश्व कप में भारत के लगातार 12 मैच जीतने के सिलसिले को तोड़ा। पारी के 15 वें और अपने तीसरे ओवर में दक्षिण अफ्रीका के बाएं हाथ के स्पिनर केशव महाराज (3/24) ने पहली गेंद पर हार्दिक पांडया(6), तीसरी पर रिंकू सिंह (0) और आखिरी गेंद पर अर्शदीप सिंह (1) को बड़े स्ट्रोक के लिए ललचा कर लॉन्ग ऑन पर ट्रस्टन स्टब्ज के हाथों कैच करा कर दो रन के भीतर तीन विकेट निकाल कर आठ विकेट पर 88 रन करने के बाद भारत को 111 रन पर ढेर करने में अहम भूमिका निभाई।
भारत को अब सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए गलतियों से सबक ले 26 फरवरी को चेन्नै में जिम्बाब्वे और 1 मार्च को कोलकाता में वेस्ट इंडीज से बाकी दोनों मैच जीतने होंगे। दक्षिण अफ्रीका अपने बाकी दो में ये एक मैच ही जीतता है और जिम्बाब्वे और वेस्ट इंडीज का मैच विजेता दक्षिण अफ्रीका को भी हरा देता है तो तब तीन टीमों के चार चार अंक हो जाएंगे और सेमीफाइनल में पहुंचने का फैसला तब नेट रन रेट से होगा। भारत के लिए अच्छा यही है कि दक्षिण अफ्रीका अपने बाकी दोनों मैच भी जीते तो तब उसके तीन मैचों से छह अंक हो जाएंगे वह ग्रुप 1 में शीर्ष पर रह कर सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी और तब नेट रनरेट कोई मायने नहीं रखेगा। भारत यदि अपने बाकी दो में से एक ही सुपर 8 मैच ही जीतता है तो तब यह उम्मीद करेगा कि दक्षिण अफ्रीका अपने सभी तीनों मैच जीते। तब भारत की इकलौती जीत वेस्ट इंडीज और जिम्बाब्वे के विजेता पर होनी चाहिए और तब इन तीनों के दो दो अंक ही रह जाएंगे और बात नेट रन रेट पर आ टिकेगी। सच तो यह है कि दक्षिण अफ्रीका के हाथों अपनी 76 रन की बड़ी हार से भारत सेमीफाइनल में स्थान बनाने को लेकर अगर मगर में फंस गया है।
दक्षिण अफ्रीका के हाथों रविवार को अपनी टीम की हार के बाद भारत के कप्तान सूर्य कुमार यादव ने कहा, ‘हम शुरू में बराबर मैच में थे। हमने शुरू में वाकई बढ़िया गेंदबाजी की। सातवें से 15 वें ओवर के बीच दक्षिण अफ्रीका ने वाकई बेहतरीन बल्लेबाजी की और हमने फिर वापसी की। हमने वाकई बढ़िया गेंदबाजी की,पर हम अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर पाए। कई बार आपको यह सोचना पड़ता है कि आप पावरप्ले में मैच जीत नहीं सकते, लेकिन आप हार सकते हैं। हमें जरूरत भागीदारियों की थी, लेकिन हम नहीं बना पाए। यह सब खेल का हिस्सा है। हम इससे सबक लेंगे। हम मिल बैठकर चर्चा करेंगे और फिर उठ खड़े हो। जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह की तेज गेंदबाजी की जोड़ी बेहतरीन है और इन दोनों ने अपने कुल आठ ओवरों में 43 रन दे पांच विकेट चटकाए। हमारी खुशकिस्मती है कि बुमराह और अर्शदीप जैसे गेंदबाज हमारी टीम में है। जहां हमारे जिम्बाब्वे के खिलाफ 26 फरवरी को अगले सुपर 8 मैच की बात है तो उम्मीद है हम इसमें बढ़िया बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग करेंगे। हमारी कोशिश बस चीजों का सहज रखने की होगी।‘
भारत ने रविवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहम सुपर 8 मैच से पहले शुरू के चार ग्रुप मैचों में नौ कैच टपकाए थे। हार्दिक पांडया के पारी के आखिरी ओवर की तीसरी धीमी गेंद को स्टब्ज उड़ाने गए लेकिन डीप बैकवर्ड स्कवॉयर लेग पर वाशिंगटन सुंदर ओस में कैच लपकने की कोशिश में फिसल गए और गेंद चौके के लिए निकल गई और इसका लाभ उठाकर उन्होंने अंतिम दो गेंद पर छक्के जड़े और इस ओवर में 20 रन बनाए। सुंदर ने यदि यह कैच लपक लिया और स्टब्ज आउट हो जाते और ये तब ये संभव है कि ये 20 रन नहीं बने होते तो मैन ऑफ द’ मैच डेविड मिलर (63 रन, 35 गेंद, तीन छक्के व सात चौके) व डेवाल्ड ब्रेविज (45 रन, 29 गेद, तीन छक्के,तीन चौके) की चौथे विकेट की 97 रन की भागीदारी और ट्रस्टन स्टब्ज की 24 गेंदों पर तीन छक्कों व एक चौके की मदद से अविजित 44 रन की बदौलत तीन विकेट मात्र 20 रन पर गंवाने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने 20 ओवर में सात विकेट पर 187 रन की बजाय आठ विकेट पर 167 रन ही बनाए होते। भारत तब संभवत: जीत के इस लक्ष्य को पाने के लिए हड़बड़ी न कर बेहतर ढंग से पीछा करता और ऑलराउंडर शिवम दुबे की मात्र 37 गेंदों पर तीन छक्कों और एक चौके की मदद से 42 रन की पारी के बावजूद उसकी पारी 18.5 ओवर में मात्र 111 रन पर नहीं सिमटती। तब मुमकिन था कि तिलक वर्मा (1 रन, 2 गेंद) दक्षिण अफ्रीका के रविवार के सबसे कामयाब तेज गेंदबाज मार्को येनसन (4/22) और वाशिंगटन सुंदर (6 रन) कार्बिन बॉश की गेंदों को अपनी क्रीज छोड़ कर उड़ाने में विकेटकीपर क्विंटन डी कॉक को कैच न थमाते।
मैं अपने गेंदबाजों के प्रदर्शन से खुश हूं :मरक्रम
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडन मरक्रम ने कहा, ‘ हमारी टीम ने भारत के खिलाफ वाकई जोरदार प्रदर्शन किया। हमारे खिलाड़ियों ने स्थिति को जल्दी भांपा और फिर उसी के मुताबिक योजना बनाई। मैं अपने गेंदबाजों के प्रदर्शन से खुश हूं। हमारे लिए इस टी 20 विश्व कप में आगाज जरूर कुछ मुश्किल रहा था लेकिन रविवार रात टीम में सभी बढ़िया खेले। मिलर और ब्रेविज की भागीदारी ने हमें मैच में बनाए रखा।मुझे नहीं लगा कि गेंद बल्ले पर आ रही थी। पिच बहुत ठोस नहीं थी। हमारे बल्लेबाजों ने गेंद को क्षेत्ररक्षको के बीच से निकाल कर तेज दौड़ कर रन बनाने की कोशिश की। बीच के ओवरों मे हमारी बल्लेबाजी ही इस मैच के फैसले में अहम रही।एंगिडी जब भी गेंदबाजी करते हैं प्रतिद्वंद्वी टीम के बल्लेबाजों के लिए खतरा खड़ा करते है। एंगिडी बीच के ओवरो में विकेट चटका सकते हैं और उन्होंने बराबर बढ़िया गेंदबाजी कर भारत की पारी बिखेरी। जहां तक हमारे वेस्ट इंडीज के खिलाफ अगले सुपर 8 मैच की बात है तो दोनों ही टीमें हाल ही में एक दूसरे खिलाफ काफी खेल चुकी हैं। वेस्ट इंडीज एक खतरनाक टीम है।‘





