सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के सही वक्त पर रंग में लौटते हुए और ऑलराउंडर हार्दिक पांडया के तूफानी अर्द्धशतकों और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के अपने आखिरी दो ओवर में चटकाए तीन विकेट की बदौलत भारत ने जिम्बाब्वे पर चेन्नै के एमए चिदाम्बरम स्टेडियम में बृहस्पतिवार रात आईसीसी टी 20 क्रिकेट विश्व कप में ग्रुप 1 के अपने दूसरे सुपर 8 मैच 72 रन से जीत हासिल की। भारत की सुपर 8 में दो मैचों इस पहली जीत से अपने शुरू के लगातार दो सुपर 8 मैच जीतने वाली दक्षिण अफ्रीका ग्रुप 1 से सबसे पहले सेमीफाइनल में पहुंच गई। अब भारत और वेस्ट इंडीज के बीच रविवार को कोलकाता में खेला जाने वाला ग्रुप 1 का आखिरी सुपर 8 मैच एक तरह से नाकआउट क्वॉर्टर फाइनल मैच होगा क्योंकि इसकी विजेता इस पूल से सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम होगी।
अपनी टीम की जीत पर कप्तान भारत के कप्तान सूर्य कुमार यादव ने कहा,‘ हम ग्रुप चरण और उसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार सभी को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ना चाहते थे। जिम्बाब्वे पर जीत में अपने सभी बल्लेबाजों का योगदान करना सुखद रहा। हम गेंद से जरूर जिम्बाब्वे के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे, फिर भी जीत तो जीत है। वेस्ट इंडीज के खिलाफ मैच से पहले हमें पूरी तरह से मजबूत तैयारी करनी होगी। हम जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों से श्रेय नहीं छीनना पाते हैं। जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने बहुत समझबूझ से बल्लेबाजी की।
बेशक हम और भी बेहतर गेंदबाजी कर सकते थे। हम जब ऐसे हालात में होते हैं तो हमें और जीवट दिखाने की जरूरत होती है। हम कोलकाता पहुंच कर वेस्ट इंडीज के खिलाफ मैच की योजना की बाबत सोचेंगे।
मैं अपने प्रदर्शन से खासा संतुष्ट हूं : हार्दिक पांडया
मैन ऑफ द’ मैच भारत के हार्दिक पांडया ने कहा, ‘जहां तक मेरी पारी की बात है तो मैं इससे वाकई बहुत खुश हूं। यह भले ही 23 गेंद में पचासा लग रहा है लेकिन मुझे फिर से स्थिति का आकलन करना पड़ा। मैं बीच में जरूरत से कुछ ज्यादा ही कोशिश कर रहा था तब मुझे लगा कि मैं गेंद को जरूरत से ज्यादा तेज से उड़ाने की कोशिश कर रहा था। फिर मैंने महसूस किया कि मैं गेंद को बढ़िया ढंग से टाइम कर सकता हूं, मैंने वही किया। हम सभी की निगाहें इससे पहले अन्य यानी वेस्ट इंडीज और दक्षिण अफ्रीका के मैच पर लगी थीं।जब एक बार वेस्ट इंडीज और दक्षिण अफ्रीका का मैच खत्म होने के बाद हमारी भारतीय टीम का पूरा ध्यान जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच पर लग गया था। मुझे नई गेंद से गेंद करना पसंद है।ईश्वर की कृपा है कि मैं इन स्विंग और आउट स्विंग गेंदबाजी कर सकता हूं। मैं अपने प्रदर्शन से खासा संतुष्ट हूं। मेरा एक ओवर बाकी था मैं वेस्ट इडीज के खिलाफ अपना यह अंतिम ओवर भी फेंकना चाहूंगा,
भारत को 210-220 रन तक रोक देते तो कुछ भी मुमकिन था :रजा
जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा, ‘वेस्ट इंडीज ने भी हमारे खिलाफ पिछले मैच में भी 250 रन बनाए थे। हमने शुरू के छह ओवर में बहुत धैर्य से बल्लेबाजी की और खुद को मौका दिया। जहां तक गेंदबाजी की बात है तो हम अपनी रक्षात्मक नीति को बेहतर ढंग से अंजाम दे सकते थे। लेकिन जब एक बार भारत की बल्लेबाजी चल निकली तो फिर उसे रोकना मुश्किल था। हम भारत को 210-220 रन तक रोक देते तो फिर कुछ भी मुमकिन था।हम बेहतर गेंदबाजी और फील्डिंग कर सकते थे। पिले मैच ने हमें बताया था कि हम बड़े स्कोर का किस ढंग से पीछा कर सकते हैं। यह कोई बहाना नहीं बना रहा लेकिन हमारी टीम के कई नौजवान खिलाड़ी अपना पहला टी 20विश्व कप खेल रहे हैं। मैं अपने खिलाड़ियों से बेहतर फील्डिंग और बल्लेबाजी की उम्मीद कर रहा था।हमे अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग, तीनो में बेहतर प्रदर्शन की जरूरत है





