संग्राम सिंह अर्जेंटीना में एमएमए फाइट जीतने वाले पहले भारतीय बने

Sangram Singh became the first Indian to win an MMA fight in Argentina

रविवार दिल्ली नेटवर्क

ब्यूनस आयर्स : संग्राम सिंह ने रविवार रात ब्यूनस आयर्स (अर्जेंटीना) में एमएमए फाइट जीतने वाला पहला भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। संग्राम सिंह ने उम्र में 16 साल छोटे फ्रांस के फाइटर फ्लोरियन काउडियर को बयूनस आयर्स के टिगरे स्पोर्ट्स क्लब स्टेडियम में महज एक मिनट 45 सेकंड में धराशायी कर दिया। तिबस्ली (जॉर्जिया) और एम्स्टर्डम (नीदरलैंड) में जीत के बाद उन्होंने एमएमए में जीत की हैट-ट्रिक भी पूरी कर ली। इस फाइट में उन्हें कुश्ती के दांव पेंचों का काफी फायदा हुआ। दोहरे कॉमनवेल्थ हैवीवेट चैम्पियन संग्राम सिंह ने कहा,‘ मेरे लिए जीत-हार कोई मायने नहीं रखती। मैं या तो जीतता हूं या सीखता हूं। मैं अक्सर कहता हूं कि जुनून की कोई उम्र नहीं होती। मेरा भी अर्जेंटीना में फाइट जीतने पर पहले भारतीय बनने का सपना साकार हुआ। मैं आयोजकों के साथ ही अपने कोच भूपेश का भी आभार जताता हूं कि वह पिछले 25 साल से मेरे साथ हैं। वह भी मुझे कामयाबी दिलाने में दिन-रात जुटे रहे। उन्होंने कहा कि जीत के बाद उन्हें देश विदेश से बधाई संदेशों का तांता लग गया। इस अवसर पर मौजूद भारतीय राजदूत और उनके बेटे ने भी इस जीत के बाद बेहद भावुक होकर उन्हें बधाई दी। उस समय पूरा स्टेडियम शोर से गूंज उठा था। स्टेडियम के एक कोने से भारत माता की जय के भी नारे लग रहे थे।

मुकाबले के शुरू में संग्राम का एक पंच को फ्लोरियन के कंधे पर लगा। जवाब में फ्लोरियन ने पसलियों पर किक से प्रहार किया। फ्लोरियन की किक को पकड़कर उन्होंने नीचे गिराया। यानी उन्हें कुश्ती के लेग अटैक का फायदा मिला। फिर नीचे आकर उन्होंने सांडी तोड़ने की कोशिश की और फिर उन्हें लम्बा करके चोक कर दिया। रेफरी के तीन बार पूछने पर आखिरकार फ्लोरियन ने अपनी हार मान ली। संग्राम ने अपनी तीसरी एमएमए फाइट भी आसानी से जीती पाकिस्तानी फाइटर को उन्होंने 90 सेकंड में हराया था जबकि दूसरी फाइट को उन्होंने दूसरे राउंड में जीता था। संग्राम ने कहा,‘ फ्लोरियन के हाथ-पैर काफी तेज़ी से चल रहे थे। मेरा अनुभव काम आया। अब मैं काफी हल्का महसूस कर रहा हूं। सारा बोझ दूर हो गया है। मै अपनी इस कामयाबी का श्रेय योग और प्राणायाम को देता हूं।