एन जी भट्ट
भारत के पूर्वी राज्यों विशेष कर पश्चिम बंगाल को फतह करने के बाद शनिवार को बंगाली अस्मिता के प्रतीक और राष्ट्रगान के रचयिता गुरुवर रविन्द्र नाथ टैगोर के जन्म दिवस पर कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर एन रवि ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह,सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राज मार्ग मंत्री नितिन गडकरी एवं अन्य कई केन्द्रीय मंत्रियों और भाजपा और एनडीए शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और अन्य शीर्ष नेताओं की उपस्थिति में भाजपा विधायक दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली। शुभेंदु अधिकारी के साथ पांच मंत्रियों दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशीथ प्रमाणिक, क्षुदिराम टुडू और अशोक कीर्तनिया ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली । शपथ ग्रहण समारोह में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्य के दोनों उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं डॉ प्रेम चन्द बैरवा भी उपस्थित थे। इन सभी ने शुभेंदु अधिकारी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की।
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंद्र अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में कई भावुक और यादगार दृश्य देखने को मिले। शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने शुभेंदु अधिकारी को गले लगाकर बधाई दी। दोनों नेताओं के बीच आत्मीयता का यह दृश्य कैमरों में कैद हो गया और पूरे आयोजन की सबसे चर्चित झलकियों में शामिल रहा। इसी दौरान शुभेंदु अधिकारी ने बहुत ही विनम्रता से केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य नेताओं का शीश झुका अभिवादन किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभेंदु अधिकारी को अपना प्रसिद्ध केसरिया गमछा पहनाकर शुभकामनाएं दीं। योगी आदित्यनाथ के इस विशेष अंदाज को भाजपा कार्यकर्ताओं ने सांस्कृतिक और राजनीतिक संदेश के रूप में देखा।समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पण्डित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ काम कर चुके जनसंघ काल के 98 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता माखन लाल सरकार को मंच पर बुला कर उन्हें शाल ओढ़ाई तथा गले मिल एवं उनके चरण स्पर्श कर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। प्रधानमंत्री के इस सम्मानपूर्ण व्यवहार पर समारोह स्थल तालियों से गूंज उठा और कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। समारोह में मौजूद नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इन पलों का जोरदार स्वागत किया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह आयोजन केवल शपथ ग्रहण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भाजपा के संगठनात्मक उत्साह, कार्यकर्ता सम्मान और नेतृत्व के सामंजस्य का भी प्रतीक बनकर उभरा। साथ ही सोनार बांग्ला की भावना भी परवान पर रही।
इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड का नजारा और राजनीतिक माहौल पूरी तरह उत्सवमय नजर आया। राज्यपाल द्वारा शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाए जाने के साथ ही समारोह स्थल तालियों और नारों से गूंज उठा। भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया और “वंदे मातरम्” तथा “भारत माता की जय” के नारों ने पूरे वातावरण को ऊर्जावान बना दिया। समारोह में देश और राज्य की कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं। मंच को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के विकास, सुशासन और कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को नई दिशा देने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए उनकी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।
समारोह के बाद समर्थकों ने मिठाइयां बांटी और ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का जश्न मनाया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह शपथ ग्रहण केवल सत्ता परिवर्तन का प्रतीक नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत भी माना जा रहा है।
इधर तमिलनाडु में राज्यपाल के संतुष्टि के बाद रविवार को नवोदित टीवीके पार्टी के नेता एक्टर थलपति विजय मुख्यमंत्री की शपथ लेंगे । कई बार तमिलनाडु लोक भवन गए लेकिन राज्यपाल बहुमत को लेकर सन्तुष्ट नहीं हुए और सरकार गठन को लेकर सस्पेंस बना रहा। आखिर अब थलपति विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर को 121 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके साथ ही तमिलनाडु में अब नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है।
थलपति विजय इंडियन की 107 सदस्यीय टीवीके पार्टी को नेशनल कांग्रेस (कांग्रेस) के पांच विधायकों के अलावा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (सी पी आई),कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (सीपीएम),विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयू एमएल) के 9 और विधायकों ने समर्थन की घोषणा की है ।राज्यपाल द्वारा सरकार गठन की अनुमति मिलने के बाद अब नई सरकार के गठन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पूरे तमिलनाडु में विजय समर्थकों के बीच उत्साह का माहौल है।विजय की पार्टी टी वी के को तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए कई दलों का समर्थन मिल गया है। चुनाव परिणाम आने के बाद बहुमत से कुछ सीटें कम होने पर विजय ने अन्य दलों से संपर्क किया था। इस प्रकार अब तक जिन प्रमुख पार्टियों ने समर्थन दिया है, उनमें राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार वामदलों और अन्य सहयोगी दलों ने भाजपा और एआईएडीएमके गठबंधन को सत्ता से दूर रखने के उद्देश्य से विजय का समर्थन किया है। वहीं कांग्रेस ने भी डी एम के से दूरी बनाकर टीवीके के साथ जाने का फैसला किया।
थलपति विजय रविवार को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल करने के बाद उन्होंने राज्यपाल को चेन्नई स्थित राजभवन में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। समारोह में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, कई केंद्रीय नेता, फिल्म जगत की प्रसिद्ध हस्तियां तथा बड़ी संख्या में समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। विजय के साथ उनके मंत्रिमंडल के कई सदस्य भी पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।राजनीतिक गलियारों में इसे तमिलनाडु की राजनीति में बड़े परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय ने युवाओं, महिलाओं और शहरी मतदाताओं के बीच मजबूत समर्थन हासिल किया। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने रोजगार, शिक्षा, भ्रष्टाचार नियंत्रण और विकास को प्रमुख मुद्दा बनाया था।
उधर दक्षिण के एक मात्र राज्य केरल में कांग्रेस के नेतृत्व में यूडीएफ को मिली प्रचण्ड बहुमत के बावजूद कांग्रेस अभी भी अपना नहीं चुन पाई है।





