रविवार दिल्ली नेटवर्क
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कैंपस में अग्नि सुरक्षा उपकरणों जैसे एबीसी और बीसी प्रकार के अग्निशमन यंत्र, फायर ट्रक, भवनों में उपलब्ध जल आपूर्ति प्रणाली, वाटर कैनन आदि अग्नि सुरक्षा उपकरणों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन और प्रैक्टिकल अभ्यास
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ नर्सिंग के मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग विभाग की ओर से चार दिनी अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल एवम् अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम में नर्सिंग स्टुडेंट्स और फैकल्टीज़ को अग्नि सुरक्षा उपकरणों जैसे एबीसी और बीसी प्रकार के अग्निशमन यंत्र, फायर ट्रक, भवनों में उपलब्ध जल आपूर्ति प्रणाली, वाटर कैनन आदि अग्नि सुरक्षा उपकरणों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन और प्रैक्टिकल अभ्यास कराया गया। स्टुडेंट्स ने विशेषज्ञों की टीम से फायर ट्रक में उपलब्ध उपकरणों, वाटर कैनन के उपयोग, गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में प्राथमिक कदम और भवनों में स्थापित फायर सेफ्टी सिस्टम के संचालन से संबंधित प्रश्न भी किए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में नर्सिंग की डीन प्रो. एसपी सुभाषिनी, प्राचार्य प्रो. जेसलीन एम., वाइस प्रिंसिपल प्रो. रामनिवास, मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग के एचओडी प्रो. जितेन्द्र सिंह के संग-संग नर्सिंग के छात्र-छात्राएं और दीगर फैकल्टीज़ मौजूद रहे। संचालन सुश्री शेरोन राणा ने किया।
नर्सिंग के बीएससी और एमएससी नर्सिंग के प्रतिभागियों को अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल एवम् अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया कि विभिन्न प्रकार की आग में कौन-सा अग्निशमन यंत्र उपयोग किया जाता है। आपातकालीन स्थिति में इन उपकरणों का सुरक्षित और प्रभावी उपयोग कैसे किया जाता है। स्टुडेंट्स ने एबीसी और बीसी अग्निशमन यंत्रों के उपयोग, फायर अलार्म की कार्य प्रणाली, विद्युत आग लगने पर सावधानियां, आग लगने की स्थिति में सबसे पहले क्या करें, आपातकालीन निकासी प्रक्रिया सरीखे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की। टीएमयू के फायर सेफ्टी डिपार्टमेंट के हेड श्री उत्कर्ष शर्मा ने बतौर मुख्य वक्ता अग्नि दुर्घटनाओं के कारण, आग से बचाव के उपाय, आपातकालीन निकासी प्रक्रिया, अग्निशमन यंत्रों के प्रकार और उनके सही उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि आपातकालीन स्थिति में शांत रहकर त्वरित और सुरक्षित कार्यवाही की जानी चाहिए।





