नीति गोपेन्द्र भट्ट
किसी भी शहर की पहचान केवल उसकी सड़कों, भवनों और विकास कार्यों से नहीं होती, बल्कि वहां के नागरिकों के जीवन स्तर, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता से भी होती है। राजस्थान के आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले में पूर्व नगर परिषद सभापति के.के. गुप्ता ने इसी सोच को आधार बनाकर स्वच्छता और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। उनके प्रयासों ने डूंगरपुर को न केवल देश दुनिया में स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई, बल्कि योग और स्वस्थ जीवनशैली के प्रसार में भी अग्रणी नगरों की श्रेणी में खड़ा किया।
के.के. गुप्ता का मानना था कि स्वच्छता और स्वास्थ्य एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि शहर स्वच्छ होगा तो बीमारियां कम होंगी और यदि नागरिक नियमित योग एवं व्यायाम करेंगे तो उनका शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होगा। इसी विचार को उन्होंने जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया।
उनके कार्यकाल में डूंगरपुर नगर परिषद ने स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। शहर में नियमित सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, जन-जागरूकता अभियान तथा हरित विकास के अनेक कार्यक्रम संचालित किए गए। स्वच्छता के क्षेत्र में किए गए इन प्रयासों के कारण डूंगरपुर को राज्य स्तर पर सराहना भी मिली। लेकिन के.के. गुप्ता की दृष्टि केवल साफ-सुथरे शहर तक सीमित नहीं थी। वे चाहते थे कि डूंगरपुर के नागरिक स्वस्थ, जागरूक और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने वाले बनें।
इसी उद्देश्य से उन्होंने योगाभ्यास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थाओं और नागरिक समूहों को साथ जोड़ा। शहर के उद्यानों, सार्वजनिक स्थलों और सामुदायिक केंद्रों में नियमित योग शिविरों का आयोजन प्रारंभ हुआ। प्रातःकालीन योग कार्यक्रमों में युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ने लगी। इससे लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का वातावरण बना।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर डूंगरपुर में आयोजित होने वाले विशाल योग कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र बने। हजारों नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। इन आयोजनों ने न केवल जिले में योग के प्रति रुचि बढ़ाई, बल्कि डूंगरपुर को योग संस्कृति के प्रचार-प्रसार में भी विशिष्ट पहचान दिलाई। विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को योग से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए गए, जिससे नई पीढ़ी में भी स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई।
के.के. गुप्ता ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और योग को एक-दूसरे से जोड़कर देखने की नई दृष्टि प्रस्तुत की। उनका मानना था कि स्वस्थ व्यक्ति, स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित प्राकृतिक संसाधन किसी भी समाज की समृद्धि के तीन प्रमुख आधार हैं। यही कारण है कि उनके नेतृत्व में वृक्षारोपण, जल संरक्षण और योग जैसे कार्यक्रम समानांतर रूप से आगे बढ़ते रहे।
आज जब जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और तनाव मानव जीवन का हिस्सा बनता जा रहा है, तब योग की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। डूंगरपुर में योग को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयासों ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाया। इसके सकारात्मक परिणाम समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।
के.के. गुप्ता के कार्य यह सिद्ध करते हैं कि जनप्रतिनिधि यदि दूरदृष्टि और समर्पण के साथ कार्य करें तो किसी भी शहर में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण और योग के क्षेत्र में उनके प्रयास डूंगरपुर के विकास की एक प्रेरक कहानी हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए यह मॉडल इस बात का उदाहरण है कि नागरिक सहभागिता के माध्यम से किसी भी नगर को स्वस्थ, स्वच्छ और संस्कारित बनाया जा सकता है।
निस्संदेह, के.के. गुप्ता ने स्वच्छता के साथ-साथ योगाभ्यास को भी जनआंदोलन का स्वरूप देकर डूंगरपुर को एक नई पहचान प्रदान की है। उनका योगदान लंबे समय तक जिले के विकास और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
के के गुप्ता को विशेष रूप से उनके स्वच्छता के“डूंगरपुर मॉडल” के लिए जाना जाता है। उनके मार्गदर्शन में डूंगरपुर जिले ने स्वच्छता सर्वेक्षणों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया और डूंगरपुर को राज्य का पहला खुले में शौच मुक्त शहर भी बनाया। उनके नेतृत्व में डूंगरपुर जिले ने स्वच्छता सर्वेक्षणों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया और प्रदेश ही नहीं, देश और विदेश में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई।
उल्लेखनीय है कि श्री के के गुप्ता तीसरी बार राज्य सरकार के स्वच्छता ब्राण्ड एम्बेसेडर बने है। गुप्ता को उनके अनुकरणीय कार्यों और सेवाओं के लिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई अवार्ड प्रदान किए गए है। साथ ही विदेशी सरकारों और प्रतिष्ठानों द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया है। इससे पहले उन्होंने भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा एन.एस.एस.सी. स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का सदस्य भी नियुक्त किया गया।
साथ ही उन्हें भरता सरकार के युवा और खेल मन्त्रालय द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएनएस ) के लिए का मानद रिसोर्स पर्सन भी नियुक्त किया गया। साथ ही के.के. गुप्ता को माननीय न्यायालय ने राजस्थान के शेखावाटी अंचल, मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र की नगर पालिकाओं की स्वच्छता कार्यक्रमों की समीक्षा करने के लिए न्यायमित्र भी नियुक्त किया गया।
राजस्थान में तीसरी बार स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) का ब्राण्ड एम्बेसेडर बनाए जाने के बाद के के गुप्ता इन दिनों राजस्थान के मुख्य मंत्री श्री भजन लाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी 41 जिलों की स्थानीय निकायों में स्वच्छता आंदोलनों को गति देने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। वे प्रदेश के सभी 41 जिलों का दौरा कर इन जिलों की सभी निकायो के अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक ले चुके है तथा कुछ जिलों में तो एक से अधिक बार दौरा कर उन्होंने स्थानीय निकायो के कार्यों की समीक्षा की है।स्वच्छता के प्रति उनका समर्पण और जुनून देखने लायक है और चौबीसों घंटा इस लक्ष्य को पाने के लिए वे प्रतिबद्ध रहते है । इसलिए उन्हें वागड़ का भगीरथ ही नहीं स्वच्छ भारत का सही अर्थों में सेवक भी कहा जाने लगा है।





