रविवार दिल्ली नेटवर्क
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के स्टुडेंट्स को मिलेगा स्पेशलाइजेशन, ऑनर्स और माइनर डिग्री का लाभ, मेकाट्रॉनिक्स, एनर्जी टेक्नोलॉजी के संग-संग रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अत्याधुनिक स्पेशलाइजेशन प्रारंभ, अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और सतत विकास आधारित इंजीनियरिंग शिक्षा पर विशेष ज़ोर, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और हरित प्रौद्योगिकी की ओर बढ़ा टीएमयू का मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद का कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग नए सत्र से एक नए युग में मंगल प्रवेश करेगा। नवीन पाठ्यक्रम वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। इन पाठ्यक्रमों में परियोजना-आधारित अधिगम, प्रयोगात्मक शिक्षण, उद्योग प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, अनुसंधान परियोजनाएं, कौशल विकास कार्यक्रम, मूल्य संवर्धित पाठ्यक्रम और उद्यमिता गतिविधियों को विशेष महत्व दिया गया है। स्टुडेंट्स को वास्तविक औद्योगिक समस्याओं पर कार्य करने, नवाचार विकसित करने और स्टार्टअप संस्कृति से जुड़ने के पर्याप्त अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी), ओपन इलेक्टिव्स, ऑनलाइन पाठ्यक्रम, उद्योग सहयोग और बहुविषयक शिक्षण जैसी व्यवस्थाएं स्टुडेंट्स को अपनी रुचि और करियर लक्ष्यों के अनुरूप शिक्षा प्राप्त करने की स्वतंत्रता प्रदान करेंगी। यह दृष्टिकोण उन्हें केवल रोजगार योग्य ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, तकनीकी रूप से सक्षम और सामाजिक रूप से उत्तरदायी पेशेवर बनने में सहायता करेगा।
इंजीनियरिंग केवल मशीनों और उत्पादन प्रक्रियाओं तक सीमित नहींः प्रो. द्विवेदी
कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी कहते हैं, आज के युग में मैकेनिकल इंजीनियरिंग केवल मशीनों और उत्पादन प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह डिजिटल तकनीकों, डेटा-आधारित निर्णय प्रणालियों, स्वचालन, रोबोटिक्स और हरित प्रौद्योगिकियों के साथ एकीकृत होकर नए आयाम प्राप्त कर रही है। इसके अंतर्गत मेकाट्रॉनिक्स, एनर्जी टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे तीन उच्च मांग वाले स्पेशलाइजेशन प्रारंभ किए गए हैं। शैक्षणिक उत्कृष्टता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन इंजीनियरिंग में ऑनर्स कार्यक्रम भी प्रारंभ किए गए हैं।
रोबोटिक्स एवम् एआई स्पेशलाइजेशन बनेगा वरदानः डॉ. हिमांश
मैकेनिकल के विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांश कुमार कहते हैं, एनर्जी टेक्नोलॉजी स्पेशलाइजेशन वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों- ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता को ध्यान में रखकर नया पाठ्यक्रम विकसित किया गया है। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां, ऊर्जा संरक्षण, वैकल्पिक ईंधन, ऊर्जा दक्षता, स्वच्छ ऊर्जा तकनीकें और सतत विकास से जुड़े विषयों को शामिल किया गया है। यह कार्यक्रम स्टुडेंट्स को हरित ऊर्जा समाधान विकसित करने और ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करेगा। वहीं रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलाइजेशन स्टुडेंट्स को भविष्य की बुद्धिमान तकनीकों से जोड़ता है।





