इंग्लैंड के सामने नॉर्वे के अर्लिंग हालैंड को रोकने की चुनौती
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : अर्लिंग हालैंड के चार मैचों में सात गोल की बदौलत यूरोपीय फुटबॉल की नई ताकत के रूप में उभरने वाली नॉर्वे ने पहली बार फीफा विश्व कप फुटबॉल के क्वॉर्टर फाइनल में पहुंच इतिहास रच दिया है। नॉर्वे और यूरोप की दिग्गज टीम इंग्लैंड के बीच अब मियामी स्टेडियम में फीफा विश्व कप फुटबॉल 2026 के सेमीफाइनल में स्थान बनाने के लिए रविवार को बेहद रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है। स्टैल स्लोबाकेन के मार्गदर्शन में नॉर्वे अपने ग्रुप आई में शीर्ष पर रही फ्रांस के बाद दूसरे स्थान पर रही। अर्लिंग हॉलैंड के कमाल से नॉर्वे ने पहले आइवरी कोस्ट को अंतिम 32 में और फिर अंतिम 16 में पांच बार की चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराया। हालैंड अब फ्रांस के कईलियान बापे (8 गोल) व अर्जेंटीना के लियोनल मैसी (8 गोल) के बाद तीसरे स्थान पर हैं और गोल्डन बूट की होड़ में बने हुए हैं। इंग्लैंड के सामने नॉर्वे के अर्लिंग हालैंड को रोकने की चुनौती होगी। कागजो पर कप्तान हैरी केन और जूड बेलिंघम जैसे मजबूत स्ट्राइकरों की मौजूदगी में इग्लैंड के हमलों में ज्यादा धार दिखाई देती हैं। केन और बेलिंघम चल गए तो नॉर्वे के लिए इग्लैंड को रोकना खासी मुश्किल चुनौती साबित हो सकता है।
अपने कप्तान हैरी केन के पांच मैचों में छह गोल की बदौलत इंग्लैंड की टीम पांच जीत के साथ इंग्लैंड 11 वीं बार अंतिम आठ में पहुंची है। इंग्लैंड ने क्रोआशिया, घाना और पनामा को पीछे छोड़ ग्रुप एल में शीर्ष स्थान पाया था। इंग्लैंड ने पिछड़ने के बाद कांगो को अंतिम 32 में 2-1 से हराने के बाद डेविड बेलिंघम के दो गोल से मेजबान मैक्सिको पर मैक्सिको सिटी स्टेडियम में बेहद कड़े संघर्ष में 3-2 से जीत के साथ क्वॉर्टर फाइनल में स्थान पाया।
इंग्लैंड की टीम पिछले अब पहले महज तीन बार विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंची है और उसने अब तक0 केवल अपने घर में 1966 में मात्र एक बार खिताब जीता है। इंग्लैंड की टीम इससे पहले 1990 और 2018 में क्रमश:तत्कालीन पश्चिम जर्मनी और क्रोआशिया को हरा कर विश्व कप के सेमीफाइनल में स्थान बनाया था। नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर हालैंड के सामने उनके साथ मैनचेस्टर सिटी में साथ खेलने वाले इंग्लैंड के लिए खेल रहे निको ओ’ रिले अर मार्क गही और जॉन स्टोंस सामने होंगे वहीं नॉर्वे के कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड के साथ आर्सनल में साथ खेलने वाले इंग्लैंड के डेकलानल राइस और बुकायो साना सामने होंगे।
नॉर्वे की टीम के 26 फुटबॉलरों मे से 9 इंग्लैंड में लीग में खेलते हैं। नॉर्वे और इंग्लैंड अब तक कभी भी विश्व कप फुटबॉल में आमने सामने नहीं हुए हैं, हालांकि दोनों टीमें विश्व कप फुटबाल के 1982 और1984 के क्वॉलिफाइंग सहित 12 बार आमने सामने हो चुकी हैं। दोनों टीमें अंतिम बार 2014 में अंतर्राष्ट्रीय मैच में जब आमने सामने हुई थी तब जीत वेन रूनी के पेनल्टी किक पर दागे गोल से जीत इंग्लैंड जीता था। तब जॉन स्टोन्स और जॉर्डन हेंडरसन ने इंग्लैंड के लिए खेलना शुरू किया और तब से अब तक पिछले 12 बरस से इंग्लैंड की टीम का हिस्सा हैं। तभी इंग्लैंड के ओरन नेलैंड ने नॉर्वे के लिए खेलना शुरू किया था और अभी भी इंग्लैंड के गोल की चौकसी कर रहे हैं।
संघर्षपूर्ण जीत टीम में सभी को करीब लाती है: हेरी केन
इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने कहा, ‘हमें मैक्सिको पर जीत के लिए हमारी टीम के हर खिलाड़ी को पूरी ताकत लगानी पड़ी। हमारी मैक्सिको पर जीत के कई हीरो हैं। हमारी टीम ने जीत के लिए जिस तरह का जीवट दिखाया है उससे मुझे अपनी टीम पर गर्व है। हम सभी ने साथ मिलकर मैक्सिको के खिलाफ जीत की राह खोज ही ली। टीम में हम सभी के साथ मिलकर एक दूसरे के साथ कंधा से कंधा मिला कर आगे बढ़ने की बात भर करना भर पर्याप्त नहीं है। मेजबान मैक्सिको के खिलाफ मुश्किल का सामना कर खेलना वाकई सबसे बड़ा इम्तिहान था। इस तरह की संघर्षपूर्ण जीत टीम में सभी को एक दूसरे के करीब लाती है।’
नॉर्वे के खिलाफ क्वॉर्टर फाइनल खासा मुश्किल होगा।: टचेल
इंग्लैंड के कोच टॉमस टचेल ने कहा,‘ मुझे अपनी टीम पर गर्व है। हमें सब कुछ चाहिए था। मैक्सिको के खिलाफ यह अंतिम 16 मैच बेहद मुश्किल था। जिस क्षण हमें लगा कि हम लय पा लेंगे तभी हमें झटके लगे। यही सही सोच है। मुश्किल में हमारी टीम ने हिम्मत नहीं हारती और खुद पर भरोसा बरकरार रखती है। हमारी मैक्सिको पर यह जीत बस एक कदम आगे बढ़ने जैसी है। नॉर्वे के खिलाफ क्वॉर्टर फाइनल खासा मुश्किल मैच होगा। नॉर्वे वाकई बहुत बढ़िया टीम है और उसके पास कई खतरनाक खिलाड़ी हैं।





