अर्जेंटीना को भी इंग्लैंड के बेलिंघम व केन पर लगाम लगानी होगी
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : दुनिया के करिश्माई स्ट्राइकर लियोनल मैसी ने अब तक छह मैचों में आठ गोल कर मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को फीफा विश्व कप फुटबॉल 2026 के सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। अपना लगातार छठा विश्व कप खेल रहे लियोनल मैसी के नाम इसके इतिहास में सबसे ज्यादा 21 गोल करने का रिकॉर्ड है, लेकिन फ्रांस के कइलियान बापे (20) उनसे बस एक गोल पीछे हैं। मैसी पर ही अब अर्जेंटीना को इंग्लैंड के खिलाफ अटलांटा में सेमीफाइनल जिता लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचाने का दारोमदार है। सबसे ज्यादा पांच बार अब विश्व कप खिताब जीतने वाली ब्राजील ने ही इससे पहले अब तक 1958 और 1962 में लगातार दो बार विश्व कप फुटबॉल खिताब जीता है। अर्जेंटीना को यदि लगातार दूसरी बार फाइनल में स्थान पाना है तो उसे छह -छह गोल कर गोल्डन बूट अवॉर्ड की होड में बने हुए इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन और आक्रामक मिडफील्डर जूड बेलिंघम पर लगाम लगानी होगी। अर्जेंटीना (1978, 1986, 2022) में अब तक तीन बार विश्व कप फुटबॉल खिताब जीत चुकी है जबकि इंग्लैंड ने अब तक मात्र एक बार 1966 में विश्व कप जीता है।
अब अर्जेंटीना और इंग्लैंड 24 बरस बाद अटलांटा स्टेडियम में विश्व कप में सेमीफाइनल में आमने- सामने होंगे। दोनों देश अब तक विश्व कप फुटबॉल मे पांच बार भिड़े हैं और इनमें इंग्लैंड तीन बार और अर्जेंटीना दो बार जीता है। इंग्लैंड ने शुरू में दो बार अर्जेंटीना को क्रमश: 1962 में ग्रुप चरण में 3-1 से और 1966 में क्वॉर्टर फाइनल में 1-0 से हराया। डिएगो माराडोना के हैंड ऑफ द’ गोल से अर्जेटीना ने इंग्लैंड को 1986 में मैक्सिको में क्वॉर्टर फाइनल में 2-1 से हराया और फिर 1998 में प्री क्वॉर्टर फाइनल में डेविड बैकहम को माराडोना पर लात जमाने पर रेड कार्ड दिखाए जाने पर मैदान से बाहर भेजे जाने पर निर्धारित समय में दो- दो की बराबरी के बाद पेनल्टी शूटआउट मे 4-3 से हराया। 2002 में डेविड बैकहम के पेनल्टी किक पर इकलौते गोल से इग्लैंड ने अर्जेटीना पर विश्व कप मे 1-0 से जीत दर्ज की। तब अर्जेंटीना की टीम 40 बरस में पहली बार ग्रुप चरण में हार कर बाहर हो गई थी । इंग्लैंड की टीम तब ब्राजील से क्वार्टर फाइनल में हार कर बाहर हो गई थी। अर्जेंटीना के सुपर स्टार लियोनल मैसी पहली बार इंग्लैंड के खिलाफ खेलेंगे। वहीं इंग्लैंड की सभी उम्मीदें आक्रामक मिडफील्डर जूड बेलिंघम और कप्तान स्ट्राइकर हैरी केन पर टिकी हैं।
अर्जेंटीना की मध्यपंक्ति में छह खिलाड़ी बराबर अपने स्टार स्ट्राइकर लियोनल मैसी की ओर गेंद बढ़ा उनके साथ कदमताल कर गोल की तलाश मे रहते हैं। मैसी की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह खुद गोल करने में तो माहिर हैं ही साथी खिलाड़ियों के सही वक्त पर गेंद बढ़ा कर उनके लिए बराबर गोल करने के मौके बनाते हैं। ऐसे में इंग्लैंड की कोशिश मैसी की मजबूत घेरेबंदी कर अर्जेंटीना को रोकने की होगी, लेकिन यही उसका सबसे बड़ा इम्तिहान और चुनौती होगी। दोनों ही टीमों की कोशिश सेमीफाइनल को निर्धारित समय या ज्यादा से ज्यादा अतिरिक्त समय में ही जीतने की होगी क्योंकि पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना और इंग्लैंड दोनों ही बहुत अच्छी नहीं है। अर्जेंटीना के लिए सबसे ज्यादा आठ गोल करने के बावजूद मैसी निर्धारित समय में दो बार पेनल्टी किक पर गोल करने से चूक भी चुके हैं बावजूद इसके दिलचस्प बात यह है इन दोनों ही मैचों में उन्होंने दो मैदानी गोल किए हैं। लियोनल मैसी ने मौजूदा विश्व कप में अब तक छह में से पांच मैचों में गोल किए हैं, लेकिन अर्जेंटीना के लिए उत्साह बढ़ाने वाली बात यह है कि उसने क्वॉर्टर फाइनल में मैसी के गोल बिना ही जीत दर्ज की। अर्जेंटीना ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में जीत के विश्वास से उतरेगी।
बेशक अर्जेंटीना की ताकत उसके स्टार स्ट्राइकर लियोनल मैसी जो खुद करने के साथ गोल के अभियान बनाने के साथ साथियों से गोल कराने में माहिर हैं। इंग्लैंड की रक्षापंक्ति में जरूर कुछ दरारें दिखाई देती है अर्जेंटीना के मैसी और अल्वारेज इन्हीं दरारों के बीच गेंद को निकाल गोल करने की कोशिश करेंगे। वहीं अर्जेंटीना की तरह इंग्लैंड की ताकत भी उसके स्ट्राइकर कप्तान 32 बरस हैरी केन और 23 बरस के आक्रामक मिडफील्डर जूड बेलिंघम की उसके लिए मिलकर छह मैचों में दर्जन भर गोल करने वाली जोड़ी है।
अर्जेंटीना के आक्रमण के तुरुप के इक्के बेशक उसके स्टार स्ट्राइकर लियोनल मैसी(8 गोल) हैं जबकि उसके लिए लाउटरो मार्टिनेज ने दो गोल दागे हैं जबकि डिफेंडर लिजांड्रो मार्टिनेज , मिडफील्डर अलेक्सिज मैक एलिस्टर , मिडफील्डर जियोवनी लो सोल्सो ,विंगर जूलियन अल्वारेज, डिफेंडर क्रिश्चिशन रोमेरो, मिडफील्डर एंजो फर्नांडीज ,विंगर जोश मैनुअल लोपेज ने एक- एक गोल किया यानी उसके लिए नौ अलग अलग खिलाड़ियों ने शुरू के छह मैचों मे गोल लिए किए हैं। ऐसे में यह कहना कि अर्जेंटीना गोल करने के लिए केवल मैसी पर निर्भर है वाजिब नहीं है। अर्जेंटीना ने छह मैचों में कुल 17 गोल किए और इनमें से अकेले आठ मैसी ने किए ही वह टीम की मुश्किल मैचों में जिस तरह वापसी के सूत्रधार रहे हैं उससे इंग्लैंड के खिलाफ टीम उनसे ही नैया पार लगाने की आस लगाए है। अपना लगातार छठा विश्व कप खेल रहे 39 बरस के लियोनल मैसी का बेशक यह आखिरी विश्व कप है और इसमें भी वह अर्जेंटीना को अपनी कप्तानी में लगातार दूसरी बार खिताब जिताने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेंगे। इंग्लैड के लिए स्ट्राइकर हैरी केन और मिडफील्डर जूड बेलिंघम ने छह- छह गोल किए हैं जबकि विंगर मरकस रशफर्ड , विंगर बुकायो साका और एंथनी गॉर्डन ने एक एक गोल किया यानी कुल पांच खिलाड़ियों ने उसके लिए गोल किए हैं। जिस तरह कप्तान केन और बेलिंघम ने छह छह गोल किए उसे यह जरूर लगता है कि इंग्लैंड इन दोनों पर जरूरत से ज्यादा निर्भर है।
अर्जेंटीना के पास अनुभवी सदाबहार लियोनल मैसी के साथ जूलियन अल्वारेज के रूप में मौके को भुना गोल करने में माहिर स्ट्राइकर है। अल्वारेज में अपनी अजेंटीना टीम को मैसी के साथ मिल कर जिताने का दम है। कप्तान मैसी की हैट्रिक से अर्जेंटीना ने ग्रुप मैच में अल्जीरिया को 3-0 से हरा कर आगाज करने के बाद ऑस्ट्रिया को 2-0से हरा लगातार तीन जीत के साथ ग्रुप में शीर्ष स्थान पाया। अर्जेंटीना ने बेशक इसके बाद तीनों नॉकआउट मैच कड़े संघर्ष से जीते। अर्जेंटीना ने कैप वर्डे को कड़े संघर्ष के बाद अंतिम 32 में अतिरिक्त समय में 3-2 से, मिस्र को खासे विवादास्पद प्री क्वॉर्टर फाइनल में खेल खत्म होने से 10 मिनट पहले तक 0-2 से पिछड़ने के बाद चार मिनट में क्रिश्चियन रोमरो और कप्तान मैसी के एक एक गोल से दो दो की बराबरी के बाद एंजो फर्नांडीज के गोल से 3-2 से हराया। अर्जेंटीना ने मैसी के गोल के बिना बेहद रोमांचक निर्धारित समय के बाद अतिरिक्त समय में खिंचे क्वॉर्टर फाइनल में करीब 50 मिनट तक दस खिलाड़ियों से खेलने वाली स्विटजरलैंड को जूलियन अल्वारेज के अतिरिक्त समय में चमत्कारिक और लाउटरो मार्टिनेज के गोल से 3-1 से हराया।
इंग्लैंड ने क्रोआशिया को ग्रुप मैच में 4-2 से हरा कर आगाज किया लेकिन अगले ही मैच में घाना द्वारा गोलरहित बराबरी पर रोके जाने और पनामा पर 2-0 की फीकी जीत से लय खोता लगा। इंग्लैंड पिछड़ने के बाद अंतिम 32 में जैसे तैसे कांगो को कप्तान हैरी केन के दो गोल से 2-1 से हरा पाया। जूड बेलिंघम के दो और कप्तान हैरी केन के गोल से इंग्लैंड जैसे तैसे मेजबान मैक्सिको को अंतिम 16 में 3-2 से और फिर पिछड़ने के बाद बेलिंघम के दो गोल से नॉर्वे को अतिरिक्त समय में 2-1से हराया। जूड बेलिंघम का जादू न चला होता यह तो तय मानिए की इंग्लैंड सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकता था। बेलिंघम ने प्री क्वॉर्टर और क्वॉर्टर फाइनल में दो दो गोल करने के साथ पहले मैच में क्रोआशिया और फिर पनामा के खिलाफ भी एक एक गोल किया। मैक्सिको के खिलाफ बेलिंघम के चमत्कारिक खेल से ही इंग्लैंड अंतिम 16 में जीत पाया और नॉर्वे के खिलाफ क्वॉर्टर फाइनल की जीत के भी हीरो वही रहे।
अर्जेंटीना की संभावित एकादश : एमी मार्टिनेज, मोलिना, रोमरो, लिजांड्रो मार्टिनेज, टैगलियाफिको, डी पॉल, पारडेज, मैक एलिस्टर, फर्नांडेज, मैसी।
इंग्लैंड की संभावित एकादश: पिकफर्ड, जेम्स, कोंसा, गुइही, ओ’रिले, एंडरसन, राइस, साका, बेलिंघम, गॉर्डन, हैरी केन।
फुटबॉल की बड़ी ताकत इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल खास : मैसी
अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मैसी ने कहा,‘ विश्व कप फुटबॉल जैसे बड़े मंच पर हमारी विश्व कप चैंपियन अर्जेंटीनी टीम के लिए पिछड़ने के बाद वापसी कर जीत हासिल कर अभी तक अपनी चुनौती बनाए रखना आसान नहीं था। हमारा एक और विश्व कप सेमीफाइनल में पहुंचना कोई आसान बात नहीं है। इंग्लैंड का सामना सेमीफाइनल में सामना करना खास होगा क्योंकि वह फुटबॉल की बड़ी ताकत है। निजी तौर पर पहली बार इंग्लैंड के खिलाफ पहली बार खेलना खास होगा जबकि मैं उसे छोड़ कर बाकी सभी के खिलाफ खेल चुका हूं। अब इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में पूरी शिद्दत से खेलने उतरेंगे।‘
मुझे मालूम है हम और बेहतर खेल सकते हैं: केन
इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने कहा,‘ हमारे सामने विश्व कप सेमीफाइनल में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम में से एक विश्व चैंपियन अर्जेटीना है। अभी तक हमने अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं दिखाया है। हम टुकड़ों- टुकड़ों में ही बढ़िया खेल दिखा पाए हैं। नॉर्वे के खिलाफ क्वॉर्टर फाइनल में हमारे बढ़िया खेल की झलक भर दिखी। नॉर्वे पर जीत के बावजूद हम उम्मीदों के मुताबिक मैच पर अपनी पकड़ नहीं दिखा पाए। विश्व कप में अब आप दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ खेल रहे हैं। हमें मालूम है हम और बेहतर खेल सकते हैं। अब बार बार विश्व कप के सेमीफाइनल में नहीं पहुंचते हैं।‘
अर्जेंटीना पर पाने के लिए हमें और बेहतर खेलना होगा: टचेल
इंग्लैंड के कोच टॉमस टचेल ने अपनी टीम की नॉर्वे पर जीत में कहा,‘ सेमीफाइनल में पहुंचना बेशक शानदार नतीजा है। हमने खुद ही मैच अपने लिए बहुत मुश्किल बना दिया। मैं जीत के बावजूद अपनी टीम के प्रदर्शन से खुश नहीं हूं। हमने बहुत तकनीकी गलतियां कीं। हमें जिस रफ्तार से खेलना चाहिए था हम नहीं खेल सके। हम रविवार को खुशकिस्मत रहे। अर्जेंटीना पर सेमीफाइनल में पार पाने के लिए हमें और बेहतर खेलना होगा। मैं अपने टीम के तेवरों और उर्जा से खुश नहीं हूं। हमारी टीम को बेहतर जवाबी हमले बोलने और पूरी ताकत झोंकनी की जरूरत है।
विश्व कप फुटबॉल 2026 ,दूसरा सेमीफाइनल : अर्जेंटीना वि इंग्लैंड ( भारतीय समयानुसार बृहस्पतिवार, सुबह साढ़े 12 बजे)।





