- कप्तान सलीमा,नवनीत व दीपिका सहरावत पर भारत की नैया किनारे लगाने की जिम्मेदारी
- -भारत का पहला मकसद पूल डी में शीर्ष में रह दूसरे दौर में स्थान बनाना
सत्येन्द्र पाल सिंह
एम्सतलवीन (नीदरलैंड) : भारत की कप्तान दुनिया के बेहतरीन सेंटर हाफ सलीमा टेटे और ऑलराउंडर दीपिका सहरावत के यहां एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप में वेगनर स्टेडियम के मुख्य द्वार पर दुनिया के बेहतरीन हॉकी खिलाड़ियों के साथ लगे आदमकद कटआउट बरबस हर हॉकी प्रेमी की निगाहें ठहर जाती हैं। हो भी क्यों न हो क्योंकि सलीमा के साथ दीपिका सहरावत और खासतौर स्ट्राइकर नवनीत कौर ही भारत के दुनिया की दूसरे नंबर की टीम और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन के खिलाफ सहित पूल डी के सभी मैचों में भारत की नैया किनारे लगाने की जिम्मेदारी होंगी। भारत का चीन के खिलाफ रविवार को पहले ही मैच से यहां ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन के खिलाफ कड़ा इम्तिहान होगा। भारतीय महिला हॉकी 2023 एशियाई खेलों में चीन से सेमीफाइनल में 0-4 से हारने के बाद जापान 2-1 से हरा कांसा जीता था। नवनीत कौर के इकलौते गोल से भारत ने चीफ कोच हरेन्द्र के मार्गदर्शन में चीन को 2024 में राजगीर में महिला एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में 1-0 से हरा खिताब जीतना था। नवनीत कौर के इकलौते गोल के बावजूद भारत की महिला टीम 2025 में एशिया कप में फाइनल में 1-4से हार गया और उसे इसीलिए महिला हॉकी विश्व कप क्वॉलिफायर खेलना पड़ा था।
सलामी टेटे की कप्तानी और चीफ कोच शुएर्ड मराइन के मार्गदर्शन में भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऑकलैंड में न्यूजीलैंड को एफआईएच महिला नेशंस कप हॉकी टूर्नामेंट के फाइनल में हरा खिताब जीत कर विश्व कप में दमदार प्रदर्शन की उम्मीद जताई है। भारत का पूल डी में पहले ही दौर में चीन, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जरा सी भी ढील गवारा नहीं कर सकता है। भारतीय महिला टीम का पहला लक्ष्य पूल डी में में खासतौर पर चीन और इंग्लैंड के खिलाफ दमदार प्रदर्शन कर शीर्ष दो में रहकर पूल डी से दूसरे दौर में स्थान बनाने पर है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने हैदराबाद में एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप क्वॉलिफायर्स 2026 में चौथे स्थान पर रह कर हॉकी विश्व कप 2026 के लिए क्वॉलिफाई किया। बेशक हॉकी विश्व कप में भारतीय महिला हॉकी टीम की राह बेहद मुश्किल है ,लेकिन उसके हौसले बुलंद हैं। भारत के चीफ कोच शुएर्ड मराइन कहें उनकी टीम विश्व कप की चुनौती के लिए तैयार हैं और अपना लगातार दूसरी विश्व कप खेलने जा रही कप्तान सलीमा टेटे यह कहें कि वह अपनी टीम को फाइनल खेलते देखना चाहती हैं, लेकिन ये दोनों भी भीतर से यह जानते है यह हकीकत कम सपना ज्यादा है। भारतीय महिला हॉकी यदि 52 बरस बाद फिर विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंची तो यह उसके लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
भारत की महिला टीम इकलौती ऐसी टीम है जिसमें पांच खिलाड़ी 200 या इससे अधिक अंतर्राष्टीय मैच खेल चुकी है। गोलरक्षक सविता (313) इस विश्व कप में शिरकत कर रही सबसे ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने वाली खिलाड़ी हैं और उन्हें भारत के लिए सबसे ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने के वंदना कटारिया (320) के रिकॉर्ड की बराबरी करने के लिए अभी सात मैच और खेलने है और वह इस विश्व कप में बेशक इसके बहुत करीब पहुंच सकती हैं। सविता, नेहा, नवनीत कौर, नेहा,निकी प्रधान और ललरेमसियामी का यह लगातार तीसरा हॉकी विश्व कप होगा और इन सभी का अनुभव और मार्गदर्शन भारत की जूनियर खिलाड़ियों को दुनिया के सबसे टूर्नामेंट में दबाव में बेहतर प्रदर्शन का भरोसा देता है। शुएर्ड मराइन के मार्गदर्शन में भारत ने 2020 में टोक्यो ओलंपिक में चौथा स्थान पाया और हरेन्द्र सिंह के इस्तीफा देने के बाद जनवरी, 2026 में बतौर चीफ कोच उनकी वापसी पर भारत ने ऑकलैंड में महिला नेशंस कप हॉकी जीत कर एफआईएच प्रो हॉकी लीग में वापस स्थान पाया है। शुएर्ड मराइन के मार्गदर्शन में भारत ने 2020 में टोक्यो ओलंपिक में चौथा स्थान पाया और हरेन्द्र सिंह के इस्तीफा देने के बाद जनवरी, 2026 में बतौर चीफ कोच उनकी वापसी पर भारत ने ऑकलैंड में महिला नेशंस कप हॉकी जीत कर एफआईएच प्रो हॉकी लीग में वापस स्थान पाया है। भारत ने इससे पहले हैदराबाद में एफआईएच महिला विश्व कप क्वॉलिफायर्स से 2026 के विश्व कप के लिए क्वा़लिफाई किया।
इस बार महिला हॉकी विश्व कप में क्वॉर्टर फाइनल नहीं होने से एक अलग रणनीति चुनौती होगी। अब नए फॉर्मेट में इसमें शिरकत करने वाली 16 टीमों में चार चार टीमों के पूल ए बी सी डी सभी से शीर्ष दो दो टीमें आगे पूल ई और एफ में दूसरे दौर में पहुंचेगी। दूसरे दौर में शीर्ष दो दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचंगी। भारत की 11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप होगा और प्रीतम सिवाच अकेडमी की फिलहाल इस टीम में सबसे कम उम्र 18 बरस की साक्षी राणा सहित पांच खिलाड़ी हैं। 19 बरस की सुनीलिता टोपो बेहतरीन स्ट्राइकर हैं और वह सअ्राइकर और ड्रैग फ्लिकर के साथ मिलकर भारत के हमलों को धार दे सकती है।
पहला मकसद दूसरे दौर में स्थान बनाना: मराइन
भारत के एक महीने यहीं अपने घर में छुट्टियां बिता कर वापसी भारत से जुड़ने वाले उसके डच चीफ कोच शुएर्ड मराइन कहते हैं, ‘हमारी निगाहें महिला हॉकी विश्व कप में मैच दर मैच आगे बढ़ने पर है। हमारा फोकस इसलिए अपने रविवार के चीन के खिलाफ मैच पर है। हम इसमें अच्छा प्रदर्शन कर आगे बढ़ सकते हैं। हमारा पहला मकसद इसलिए पहले दौर में अपने पूल डी में शीर्ष दो पर रह दूसरे दौर में पहुंचने पर है। आप बतौर कोच हमेशा अनुभवी और जूनियर खिलाड़ियों के सही संयोजन की तलाश में रहते है। बेशक सीनियर खिलाड़ी जूनियर खिलाड़ियों इस विश्व कप में खेलने में मदद करने के साथ दबाव में जिम्मेदारी ले सकते हैं। विश्व कप का नया फॉर्मेट रोचक है पर आज भी मेरी पसंद क्वॉर्टर फाइनल वाला फॉर्मेट है। मेरा मानना है एफएचआई रैंकिंग में उंची वरीयता वाली टीमें बेशक इस नए फॉर्मेट को पसंद करेंगी, पर मेरा मानना है कि टूर्नामेंट में क्वॉर्टर फाइनल बेहद रोमांचक मैच होते हैं। अब नया फॉर्मेट चाहे जैसा है ,सो है। हमें इसका सामना इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने की कोशिश करेंगे मैं हमेशा मौकों की बाबत सोचता हूं और इस नए फॉर्मेट में भी मौके हैं।‘
भारतीय महिला हॉकी टीम अब तक विश्व कप में भारत अब पहले महिला हॉकी विश्व कप में 1974 में चौथे स्थान पर रहने को छोड़ इससे आगे कभी नहीं पहुंच पाया। भारत की महिला टीम 1974 में मांडिलयू (फ्रांस) अपने पूल ए में तब खिताब जीतने वाली नीदरलैंड की महिला हॉकी टीम को हरा कर पूल ए में शीर्ष पर रही लेकिन तब सेमीफाइनल में जर्मनी से 0-1 से हार कर बाहर हो गई थी। भारत ने अब तक हुए 15 में से केवल नौ महिला हॉकी विश्व कप- 1974(चौथा), 1978(सातवां), 1983(11 वां),1990(13 वां), 1998(12 वां), 2006(11 वां) 2010 (नौवां), 2018( लंदन में 28 बरस के बाद नॉकआउट में स्थान बना आठवां) और 2022 (नौवां) ¬ में शिरकत की है। भारत की महिला हॉकी टीम 52 बरस के बाद अब सलीमा टेटे की अगुआई में अपने पूल डी में शीर्ष दो स्थान पा ले तो यही उसकी उपलब्धि होगी। महिला हॉकी विश्व कप में मौजूदा और नौ बार की चैंपियन नीदरलैंड का दबदबा रहा है। नीदरलैंड 2026 के महिला हॉकी विश्व कप में खिताब बरकरार रखने की दावेदार है लेकिन उसे दो दो बार की चैंपियन अर्जेंटीना, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया से इस बार भी कड़ी चुनौती मिलने की उम्मीद है।
जरूरत खुद पर भरोसा रख अपनी योजनाओं पर काबिज रहने की : सलीमा टेटे
भारत की कप्तान सलीमा टेटे ने कहा, ‘मैं महिला हॉकी विश्व कप में भारत की कप्तानी करने और खेलने को लेकर रोमांचित होने के साथ थोड़ी नर्वस भी हूं क्योंकि यह हॉकी का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है। भारत की कप्तानी करने का मौका मिलना बेहद खास है। हमारी टीम ने पिछले विश्व कप में बढ़िया हॉकी खेली थी, पर नतीजे हमारे लिए मनमाफिक नहीं रहे थे। हम महिला विश्व कप का फाइनल खेलना चाहती हैं। मेरी पहली जिम्मेदारी है इस विश्व कप में बढ़िया प्रदर्शन करना क्योंकि मैं बतौर कप्तान अनुकरणीय प्रदर्शन कर अपनी टीम की बेहतर ढंग से मदद कर सकती हूं। नौजवान और अनुभवी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से सज्जित हमारी टीम की सबसे बड़ी ताकत है आपस में संवाद। जब हम एक दूसरे पर भरोसा कर संवाद करेंगी तो दबाव झेलना आसान हो जाएगा ।हर विश्व कप में चुनौती अलग होती है क्योंकि इसमें आपके सामने विश्व की कुछ श्रेष्ठ टीमें होती है। विश्व कप में हमारे पूल में चीन सहित कई मजबूत प्रतिद्वंद्वी है। हम अपने पूल में पहले मैच में चीन की चुनौती से निबटने के लिए तैयार हैं। हमें मालूम है कि जब हम उसके खिलाफ आखिरी बार खेले तो क्या हुआ था। महिला हॉकी विश्व कप नया टूर्नामेंट है और यह हमारे लिए नया मौका है। हम अपनी शैली की हॉकी खेल कर उन्हे अपनीप्रतद्वंद्वी अपने मुताबिक खेलने पर मजबूर करना चाहते हैं। मैं अपनी टीम की हर खिलाड़ी को मैच में आखिरी क्षण तक लड़ती देखना चाहती हूं। हमें मैच में शुरू से आखिर तक जुझारू क्षमता दिखनी होगी। हम सभी बतौर टीम एकजुट होकर खेल कर मनमाफिक नतीजे हासिल कर सकते हैं। हर मैच में हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। हमें जरूरत खुद पर भरोसा रख अपनी योजनाओं पर काबिज रहने की है। हम यदि जेहनी तौर पर मजबूत रह एक दूसरे के साथ कदमताल कर आत्मविश्वास बनाए रखते हैं तो हम अपने राह की हर चुनौती को पार कर सकते हैं।’
एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारत की 20 सदस्यीय टीम:
गोलरक्षक : सविता , बिच्छू देवी खरीबम।
रक्षापंक्ति : इशिका चौधरी, सुशीला चानू पुखरम्बम, ललथांतलुआंगी, ज्योति, शिल्पी डबास।
मध्यपंक्ति : निकी प्रधान, साक्षी राणा, सुनीलिता टोपो, सलीमा टेटे(कप्तान), नेहा, दीपिका सोरेंग।
अग्रिम पंक्ति : ललरेमसियामी, ऋतुजा डडासो पिसल,नवनीत कौर, दीपिका सहरावत, इशिका, बलजीत कौर, ब्यूटी डुंगडुंग।
भारत के पूल डी के मैच
16 अगस्त :भारत वि चीन (शाम साढ़े चार बजे से)
18 अगस्त : भारत वि दक्षिण अफ्रीका (शाम साढ़े छह बजे से)।
20 अगस्त : भारत वि इंग्लैंड(शाम साढ़े छह बजे से)




