-
राज्य
बंगाल चुनाव में ‘चीनी’ किस तरफ
कोलकाता के टांगरा की दीवारों पर अब लाल-सुनहरी मंदारिन अक्षरों में नारे चमक रहे हैं। “टीएमसी को सपोर्ट करो!” या “कांग्रेस विकास की राह!” कुछ दीवारों पर बीजेपी के नारे…
Read More » -
बंगाल की बिसात पर योगी की ‘हिंदुत्व’ वाली गर्जना
अजय कुमार पश्चिम बंगाल की राजनीति के केंद्र में इस समय केवल चुनावी आंकड़े नहीं, बल्कि विचारधाराओं का वह प्रचंड टकराव है जिसने भारतीय राजनीति के दो ध्रुवों को बिल्कुल…
Read More » -
आलेख
छात्रों का आत्मघातः सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी?
ललित गर्ग कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे…
Read More » -
आलेख
पुस्तकें हैं जीवन का दीप, समाधान का सेतु
ललित गर्ग हर वर्ष 23 अप्रैल को समूचा विश्व ज्ञान, सृजनशीलता और मानवीय सभ्यता की अमूल्य धरोहर पुस्तकों का उत्सव मनाता है। यूनेस्को द्वारा 1995 में प्रारंभ किया गया यह…
Read More » -
आलेख
पुस्तक संस्कृति का क्षरण: आने वाले संकट की आहट
योगेश कुमार गोयल पुस्तकों की महत्ता और इनसे अर्जित ज्ञान के संबंध में सदैव कहा जाता रहा है कि ज्ञान कभी बेकार नहीं होता और पुस्तकें विभिन्न संस्कृतियों, पहचानों और…
Read More » -
मनोरंजन
संजू–ईशा की केमिस्ट्री फिर लौटी, “बैंगल्स” में देसी बीट्स का ग्लोबल ट्विस्ट
मुंबई (अनिल बेदाग) : मराठी पॉप की नई लहर को आकार देने वाले उभरते सितारे संजू राठौड़ एक बार फिर अपने ताज़ा ट्रैक “बैंगल्स” के साथ सुर्खियों में हैं—और इस…
Read More » -
आलेख
23 अप्रैल: विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस : पुस्तकें: भीतर की दुनिया को समझने और बदलने का माध्यम
कृति आरके जैन ज्ञान की सबसे प्रखर रोशनी दीपक से नहीं, खुले पन्नों से निकलती है। विचारों के शोर में भटकता मन जब ठहराव चाहता है, तब पुस्तक भीतर नई…
Read More » -
कारोबार
Theobroma की मैंगो कलेक्शन का जादू
मुंबई (अनिल बेदाग): गर्मियों का मतलब सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि आम के साथ जुड़ी वो भावनाएं हैं जो हर दिल में खास जगह रखती हैं। यही एहसास इस बार Theobroma…
Read More »

