एन जी भट्ट
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का हालिया दिल्ली दौरा राजस्थान के विकास एजेंडे की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने नीति आयोग की गवर्निग कॉन्सिल (शासी परिषद) की बैठक में भाग लेते हुए “विकसित राजस्थान-2047” का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया। यह रोडमैप केवल राज्य के आर्थिक विकास का दस्तावेज नहीं है, बल्कि आगामी दो दशकों में राजस्थान को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की एक दूरदर्शी योजना भी है।
भारत की नरेन्द्र मोदी सरकार ने वर्ष 2047 आजादी के शताब्दी वर्ष तक देश को “विकसित भारत” बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप राजस्थान सरकार ने “विकसित राजस्थान-2047” का विजन तैयार किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में राज्य की विकास संभावनाओं, निवेश अवसरों और बुनियादी ढाँचे के विस्तार पर आधारित इस रोडमैप को प्रस्तुत करते हुए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। राजस्थान भौगोलिक दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य और अनेक संभावनाओं से भरा प्रदेश है और राज्य में प्राकृतिक संसाधनों, खनिज संपदा, पर्यटन तथा नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उसकी अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि राज्य सरकार इन संभावनाओं को आर्थिक शक्ति में बदलने के लिए दीर्घकालिक रणनीति पर कार्य कर रही है। विशेष रूप से सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, औद्योगिक निवेश, कृषि आधारित उद्योग और पर्यटन को विकास के प्रमुख स्तंभों के रूप में चिन्हित किया गया है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में आधारभूत संरचना के विस्तार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क, रेल, जल और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़े निवेश से राजस्थान की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। राज्य सरकार औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स हब और आधुनिक शहरी सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर संभावनाएं उपलब्ध होंगी। राजस्थान सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि समावेशी विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। विकसित राजस्थान-2047 के विजन में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी विकसित समाज की आधारशिला होती हैं। इसलिए सरकार विद्यालयों, महाविद्यालयों, चिकित्सा संस्थानों और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। कृषि क्षेत्र को भी इस रोडमैप में महत्वपूर्ण स्थान मिला है। राजस्थान की बड़ी आबादी कृषि और पशुपालन पर निर्भर है। मुख्यमंत्री ने आधुनिक कृषि तकनीकों, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, जल संरक्षण और कृषि प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने की योजनाओं का उल्लेख किया। इससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी। ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान पहले से ही देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश में उपलब्ध सोलर एनर्जी की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए राज्य सौर ऊर्जा उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
मुख्यमंत्री भजनलाल ने बैठक में बताया कि आने वाले वर्षों में राजस्थान को हरित ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इससे निवेश आकर्षित होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां प्राप्त होंगी।
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और अधिकारियों से भी मुलाकात की। इन बैठकों में राज्य की विकास परियोजनाओं, केंद्रीय सहायता तथा आधारभूत ढांचे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि राजस्थान सरकार केंद्र के साथ समन्वय स्थापित कर विकास परियोजनाओं को गति देना चाहती है।राजनीतिक दृष्टि से भी यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक सक्रियता और विकासोन्मुखी सोच को प्राथमिकता दी है। नीति आयोग की बैठक में विकसित राजस्थान-2047 का रोडमैप प्रस्तुत करना उनके नेतृत्व की दीर्घकालिक सोच को दर्शाता है। यह प्रयास राज्य को केवल वर्तमान चुनौतियों से निपटने तक सीमित नहीं रखता, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक ठोस पहल है। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का दिल्ली दौरा और नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में प्रस्तुत “विकसित राजस्थान-2047” का विजन राज्य के भविष्य की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण अध्याय है। यदि इस रोडमैप के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो राजस्थान आने वाले वर्षों में निवेश, उद्योग, ऊर्जा, कृषि और मानव विकास के क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकता है।





