स्पीकर वासुदेव देवनानी की असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और स्पीकर रंजीत कुमार दास से मुलाकात

Speaker Vasudev Devnani meets Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma and Speaker Ranjeet Kumar Dass

  • सुशासन, लोकतांत्रिक परंपराओं, नवाचारों एवं समकालीन विषयों पर हुआ संवाद
  • देवनानी ने मां कामाख्या के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की

गुवाहाटी /जयपुर : राजस्थान विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी की असम यात्रा के दौरान गुवाहाटी में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और स्पीकर रंजीत कुमार दास से मुलाकात हुई।

भेंट के दौरान स्पीकर देवनानी ने मुख्यमंत्री डॉ. सरमा को अपनी पुस्तक ‘सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि’ पुस्तक की प्रति भेंट की। साथ ही सरमा के साथ राष्ट्र निर्माण, लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन, सुशासन, जनकल्याण, विकास तथा समसामयिक विषयों पर अपने विचार साझा किए। दोनों नेताओं के बीच लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने को लेकर भी सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने राजस्थान विधानसभा में उनके नेतृत्व में किए गए विभिन्न नवाचारों की जानकारी भी साझा की।

स्पीकर देवनानी ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम विकास, सांस्कृतिक समृद्धि और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करेगा।

देवनानी की असम स्पीकर श्री दास से भेंट

विधानसभाध्यक्ष देवनानी की असम विधानसभा के स्पीकर रंजीत कुमार दास से भी भेंट हुई। दोनों विधानसभाध्यक्षों के मध्य भारतीय लोकतंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने, संसदीय संस्थाओं की गरिमा एवं प्रभावशीलता, विधायी कार्यों की गुणवत्ता, संसदीय परंपराओं के संरक्षण एवं समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप उनके सुदृढ़ीकरण, विधानसभा की कार्यप्रणाली में नवाचार, डिजिटल प्रौद्योगिकी के प्रभावी समावेश तथा जनभागीदारी को बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक एवं सार्थक विचार-विमर्श हुआ।

देवनानी ने राजस्थान विधानसभा में किए गए नवाचारों की जानकारी साझा करते हुए दास को बताया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को जनता से जोड़ने, संसदीय गरिमा को सुदृढ़ करने तथा नई पीढ़ी को लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराने के उद्देश्य से विधानसभा में कई अभिनव पहलें की गई हैं।

स्पीकर देवनानी ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुदृढ़ता विधायी प्रक्रिया तक सीमित न रहकर जनविश्वास, पारदर्शिता, नवाचार और संसदीय मूल्यों के सतत संवर्धन से भी जुड़ी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के बीच अनुभवों, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और नवाचारों का निरंतर आदान-प्रदान भारतीय लोकतंत्र को और अधिक समृद्ध, प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

माँ कामाख्या के दर्शन किए

असम प्रवास के दौरान विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने नीलांचल पर्वत स्थित विश्वप्रसिद्ध माँ कामाख्या शक्तिपीठ में माता के दर्शन एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

देवनानी ने माँ कामाख्या के श्रीचरणों में देश एवं प्रदेश की सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, उन्नति तथा समस्त जनमानस के कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने कामना की कि माँ कामाख्या की असीम कृपा से राष्ट्र निरंतर प्रगति, समृद्धि और सांस्कृतिक वैभव के पथ पर अग्रसर रहे तथा सभी के जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।