ऐतिहासिक शुरुआत: अब यूपीआई की तरह बिजली भी बेच सकेंगे आम नागरिक; REC ने किया P2P एनर्जी ट्रेडिंग का सफल प्रदर्शन

Historic start: Citizens can now sell electricity using UPI; REC successfully demonstrates P2P energy trading

रविवार दिल्ली नेटवर्क

नई दिल्ली : भारत के ऊर्जा क्षेत्र में आज एक क्रांतिकारी बदलाव की नींव रखी गई। विद्युत मंत्रालय के अधीन ‘महारत्न’ सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम, REC लिमिटेड ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में पियर-टू-पियर (P2P) एनर्जी ट्रेडिंग का पहला लाइव प्रदर्शन किया। जिस तरह UPI ने डिजिटल भुगतान की दुनिया बदल दी, उसी तर्ज पर अब ‘इंडिया एनर्जी स्टैक’ (IES) के माध्यम से आम नागरिक सीधे एक-दूसरे को बिजली बेच और खरीद सकेंगे।

किसान ने दुकानदार को बेची सौर ऊर्जा
भारत मंडपम में आयोजित इस समिट के दौरान एक ऐतिहासिक लेनदेन देखा गया। मेरठ (उत्तर प्रदेश) के एक किसान, अरुण सिंह ने ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करते हुए अपने घर पर लगी अतिरिक्त सौर ऊर्जा को सीधे दिल्ली की एक गारमेंट शॉप मालिक, लक्ष्मी को बेचा। अरुण ने 6 यूनिट सौर ऊर्जा बेची और इसके बदले ३० रुपये कमाए।

यह प्रदर्शन ‘इंडिया एनर्जी स्टैक’ की शक्ति को दर्शाता है, जो नागरिकों को केवल बिजली उपभोक्ता नहीं, बल्कि सक्रिय ‘एनर्जी एजेंट’ बनाता है।

दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी में प्रदर्शन
यह लाइव डेमो केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल के समक्ष REC पवेलियन में प्रस्तुत किया गया। इससे पहले, १६ फरवरी २०२६ को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के पवेलियन के दौरे के दौरान इस P2P एनर्जी ट्रेडिंग के मॉडल का अवलोकन किया था।

इस अवसर पर इंडिया एनर्जी स्टैक के अध्यक्ष डॉ. राम सेवक शर्मा, REC के सीएमडी श्री जितेंद्र श्रीवास्तव, UPPCL के चेयरमैन श्री आशीष कुमार गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

क्या है ‘इंडिया एनर्जी स्टैक’ (IES)?
इंडिया एनर्जी स्टैक खुले मानकों और प्रोटोकॉल का एक डिजिटल ढांचा है। यह बिजली क्षेत्र में सुरक्षित और कम लागत वाले डेटा और सेवाओं के आदान-प्रदान को सक्षम बनाता है। सरल शब्दों में, यह बिजली क्षेत्र का ‘UPI’ है।

नोडल एजेंसी: REC लिमिटेड, विद्युत मंत्रालय की ओर से इस पहल का नेतृत्व कर रही है।

उद्देश्य: घरों, व्यवसायों और किसानों को अपनी अतिरिक्त अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) को सीधे अन्य उपभोक्ताओं के साथ ट्रेड करने की अनुमति देना।

सहयोगी: एफएसआर ग्लोबल (FSR Global) नॉलेज पार्टनर है, जबकि इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम (ISGF) और नेटवर्क्स फॉर ह्यूमैनिटी (NFH) तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

भविष्य की राह: विकेंद्रीकृत बिजली बाज़ार
P2P ट्रेडिंग का यह पायलट प्रोजेक्ट भारत को एक विकेंद्रीकृत और उपभोक्ता-केंद्रित डिजिटल पावर इकोसिस्टम की ओर ले जाएगा। इससे न केवल सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रिड पर दबाव कम होगा और आम आदमी के लिए कमाई के नए रास्ते खुलेंगे।