जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने दुहाई टोल प्लाजा का किया निरीक्षण

District Magistrate Ravindra Kumar Mandad inspected Duhai Toll Plaza

दीपक कुमार त्यागी

  • हरित विकास, स्वच्छता एवं आधुनिक प्रबंधन व्यवस्था की सराहना
  • मियावाकी फॉरेस्ट एवं बांस क्रैश बैरियर बने आकर्षण का केंद्र

गाजियाबाद : जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ द्वारा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अंतर्गत ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (एनई-2) स्थित दुहाई टोल प्लाजा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्वच्छता, हॉर्टिकल्चर, हरित विकास एवं समग्र प्रबंधन व्यवस्था का जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने टोल प्लाजा परिसर में विकसित पर्यावरण संरक्षण एवं हरित पहल की सराहना करते हुए इसे एक अनुकरणीय मॉडल बताया।

निरीक्षण के दौरान मियावाकी पद्धति पर आधारित “नेटिव डेंस फॉरेस्ट” परियोजना विशेष आकर्षण का केंद्र रही। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि इस तकनीक के अंतर्गत लगाए गए पौधे पारंपरिक वृक्षारोपण की तुलना में लगभग 10 गुना तेजी से विकसित होते हैं तथा 30 गुना अधिक घने होते हैं। यह परियोजना जैव विविधता को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने कहा कि शहरी एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इस प्रकार के हरित क्षेत्र ध्वनि एवं धूल अवरोधक (साउंड एवं डस्ट बैरियर) के रूप में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होते हैं। साथ ही यह पक्षियों के प्राकृतिक आवास एवं घोंसलों के विकास में भी सहायक हैं। परियोजना के अंतर्गत लगभग 26.39 एकड़ भूमि पर 1,63,305 पौधों का रोपण किया गया है। इनमें नीम, अर्जुन, जामुन, कचनार, अमरूद, करंज, कैथा, शहतूत, अशोक, आम, कदंब, इमली एवं चाइनीज फैन पाम सहित अनेक प्रजातियां शामिल हैं।

निरीक्षण के दौरान बांस से निर्मित क्रैश बैरियर की अभिनव व्यवस्था का भी अवलोकन किया गया। यह पहल राजमार्गों पर स्टील क्रैश बैरियर के विकल्प के रूप में विकसित की जा रही है। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि ये बांस आधारित बैरियर यूरोपीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप विकसित किए गए हैं तथा भारत में पेटेंट भी किए जा चुके हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि इन बैरियरों के उपयोग से निर्माण लागत में लगभग 20 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है। इसके अतिरिक्त बांस पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि यह अधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर अधिक ऑक्सीजन प्रदान करता है। बांस की जड़ें मिट्टी के कटाव को रोकने एवं जल संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक शौचालय स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित पाए गए। इंटरचेंज क्षेत्र एवं आसपास के स्थानों का रखरखाव भी संतोषजनक पाया गया, जो बेहतर प्रबंधन एवं प्रभावी स्वच्छता व्यवस्था को दर्शाता है।

टोल प्लाजा परिसर में यात्रियों एवं आमजन में राष्ट्रप्रेम एवं सकारात्मक वातावरण विकसित करने हेतु राष्ट्रीय गीतों का प्रसारण भी किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया। उन्होंने एनई-2 दुहाई टोल प्लाजा पर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास एवं उत्कृष्ट प्रबंधन व्यवस्था की सराहना करते हुए संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक, गाजियाबाद, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारीगण एवं TOT Concessionaire NCR EPE के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।