दीपक कुमार त्यागी
भक्तो व ग्राम सीकरी खुर्द के निवासियों की आस्था के साथ खिलवाड करने के आरोप मे एडवोकेट गजेन्द्र सिंह गुर्जर ने लिखा जिलाधिकारी को पत्र
मोदीनगर, गाजियाबाद : मोदीनगर के सीकरी खुर्द गांव में स्थित प्राचीन ऐतिहासिक माता महामाया देवी मन्दिर के निकट गंदे पानी के कुएं के निर्माण के मामले का विरोध शुरू हो गया है। इस संदर्भ में प्रसिद्ध समाजसेवी, सोशल एक्टिविस्ट, एडवोकेट गजेन्द्र सिंह गुर्जर ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर उपरोक्त प्रकरण की गम्भीरता से जॉच कराने की मांग करते हुए, दोषी अधिकारीगण, कर्मचारीगण, अवैध कालोनाईजर, अवैध टेन्डर ठेकेदार व जनप्रतिनिधियो की भी जॉच करायी जाकर उनकी सम्पत्ति की भी जाँच कराने की मांग करते हुए, गन्दे पानी के नाले व गन्दे पानी के कुऐ के निर्माण कार्य को जाँच होने तक रोके जाने के आदेश पारित करने की मांग की है।
एडवोकेट गजेन्द्र सिंह गुर्जर ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर निवेदन किया है कि तहसील प्रशासन व नगर पालिका मोदीनगर व कुछ कालोनाईज व ठेकेदारो की मिली भगत से एक गन्दे पानी क नाले का निर्माण कृष्णा कुन्ज से लेकर महामाया देवी मन्दिर तक कराया जा रहा है, उस गन्दे पाने के लिए मन्दिर के सामने ही शमशान घाट की जगह में गन्दे पानी के कुऐ का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए तहसील प्रशासन व नगर पालिका के अधिकारीगण, कर्मचारीगण, अवैध कालोनाईजर व ठेकेदार व कुछ जनप्रतिनिधि जिम्मेदार है जो माता महामाया देवी मन्दिर को गन्दगी में धकेलना चाहते है माता महामाया देवी की आस्था व उसके भक्तो की आस्था व ग्रामवासियों की आस्था के साथ खिलवाड कर रहे है। उनका आरोप है कि पहले इन गन्दे पानी के कुओ का निर्माण व नाले का निर्माण माता महामाया देवी मन्दिर से बहुत पहले लगभग 500 मीटर दूरी पर कृष्णा कुन्ज की तरफ को करना बताया गया था, परन्तु अब मन्दिर के नजदीक कुऐ व नाले का निर्माण किया जा रहा है जो पूर्णतः गलत है। एक तरफ तो माता मन्दिर के सौन्दर्यकरण की बात हो रही थी लेकिन उसका उल्टा हो रहा है, माता मन्दिर को गन्दगी में धकेल रहे है। उन्होंने कहा कि माता महामाया देवी भन्दिर को दुर्गन्ध व गन्दगी में क्यो धकेलना चाहते है उनकी मंशा क्या है वो माता व उसके भक्तो व ग्राम वासियो की आस्था के साथ खिलवाड क्यो कर रहे है। जो भी लोग इस कार्य मे सामिल है उसकी जाँच कर कठोर कार्यवाही करते हुऐ, उन भ्रष्ट अधिकारीगण, कर्मचारीगण, अवैध कालोनाईजर, व अवैध टेन्डर ठेकेदारों की सम्पत्ति की जाँच की जानी भी अति आवश्यक है।





