रियल लाइफ दर्द से जन्मी ‘तीसरी बेगम’, अब ओटीटी पर सुनाएगी एक अनकही सच्चाई

'Teesri Begum'—born out of real-life pain—will now reveal an untold truth on OTT

मुंबई (अनिल बेदाग) : एक सफल फिल्मकार की पहचान सिर्फ मनोरंजन से नहीं, बल्कि उन कहानियों से होती है जो समाज को सोचने पर मजबूर कर दें। हिंदी सिनेमा के दिग्गज निर्माता-निर्देशक के. सी. बोकाडिया की फिल्म ‘तीसरी बेगम’ ऐसी ही एक संवेदनशील कहानी है, जो अब 18 जुलाई से वेव्स ओटीटी पर नए दर्शकों तक पहुंचेगी। यह फिल्म किसी कल्पना की उपज नहीं, बल्कि एक वास्तविक घटना से प्रेरित है। एक कार्यक्रम में तीन पत्नियों के साथ खड़े एक व्यक्ति और विशेष रूप से तीसरी पत्नी के चेहरे पर झलकते दर्द ने बोकाडिया को भीतर तक झकझोर दिया। उसी पल जन्मी यह कहानी आज महिला सम्मान, आत्मसम्मान और सामाजिक चेतना का सशक्त संदेश बन चुकी है।

जरीना वहाब, मुग्धा गोडसे और कायनात अरोड़ा के प्रभावशाली अभिनय से सजी यह फिल्म रिश्तों की जटिलताओं के साथ उन महिलाओं की भावनाओं को भी सामने लाती है, जिनकी आवाज़ अक्सर समाज में दब जाती है। ‘तेरी मेहरबानियाँ’, ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘आज का अर्जुन’ और ‘फूल बने अंगारे’ जैसी यादगार फिल्मों के निर्माता बोकाडिया एक बार फिर साबित करते हैं कि सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने का सशक्त माध्यम भी है। ‘तीसरी बेगम’ इसी सोच का प्रभावशाली उदाहरण बनकर ओटीटी पर अपनी नई पारी शुरू करने जा रही है।