- वैभव और यशस्वी से लखनउ के क्रिकेट प्रेमियों को आतिशी पारियों की आस
- राजस्थान कप्तान पराग और लखनउ पूरन के रंग में न होने से चिंतित
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : बल्लेबाजी की नई सनसनी वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल की सलामी जोड़ी और ध्रुव जुरेल के दो -दो अर्द्धशतकों की बदौलत जीत के ‘चौके’ से आगाज करने के अपने अगले लगातार दो मैच हार राह भटकने वाली तीसरे स्थान पर चल रही राजस्थान रॉयल्स और लगातार तीन मैच हार चुकी लखनउ सुपर जायंटस (एलएसजी) के बीच आईपीएल 2026 में बुधवार को लखनउ में जीत की राह पर वापस लौटने के लिए संघर्ष होगा। मौजूदा प्रदर्शन के आधार पर राजस्थान रॉयल्स का पलड़ा लखनउ सुपर जायंटस के खिलाफ भारी है। लखनउ सुपर जायंटस की न तो बल्लेबाजी ही चली है न ही गेंदबाजी। इसी के चलते लखनउ छह मैचों में मात्र दो जीत और चार हार के साथ मात्र चार अंकों के साथ नौवे स्थान पर है। राजस्थान अपने कप्तान रेयन पराग के छह मैचों में 20 रन के सर्वोच्च स्कोर के साथ अब तक कुल 61 रन बना रंगत पाने के लिए जूझने से परेशान है। वहीं लखनउ सुपर जायंटस की चिंता अपने धुरंधर बल्लेबाज निकोलस पूरन का 19 रन के सर्वोच्च स्कोर के साथ कुल 51 रन बना रंग में न होना है।
राजस्थान रॉयल्स के अब तक प्रदर्शन से साफ है कि वह जीत के लिए वैभव व यशस्वी की सलामी जोड़ी के साथ ध्रुव जुरैल पर जरूरत से ज्यादा निर्भर है और यदि इन तीनों में दो नहीं चले तो फिर उसके लिए बड़ा स्कोर खड़ा करना अथवा बड़े स्कोर का पीछा करना भी मु्श्किल है। खासतौर पर 15 बरस के वैभव सूर्यवंशी आउट होने पर बच्चे की तरह जिस तरह मासूमियत दिखाते हैं उससे बस यही लगता है कि वह राजस्थान रॉयल्स को सिर्फ और सिर्फ जिताना और जीतते देखना चाहते हैं। वैभव सूर्यवंशी ने राजस्थान रॉयल्स की केवल सनराइजर्स हैदराबाद के हाथों हार को छोड़ कर सभी मैचों में बेखौफ बल्लेबाजी कर जसप्रीत बुमराह सहित हर गेंदबाज के खिलाफ अपना जलवा दिखाया है। लखनउ के क्रिकेट प्रेमियों को बिहार के लाडले वैभव के साथ मूलत: अपने उत्तर प्रदेश की भदोही के राजस्थान रॉयल्स से खेल रहे यशस्वी जायसवाल से भी दोनों के मिजाज के मुताबिक आतिशी पारियों की आस रहेगी।
वहीं हार से आगाज करने के बाद कप्तान ऋषभ पंत के साथ अगले दो मैच जीतने के बाद लगातार तीन मैच हार चुकी लखनउ सुपर जायंटस के हौसले पस्त नजर आ रहे हैं। लखनउ सुपर जायंटस अपने घर में दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस से अपने मैच चुकी है और उसके सामने अब अपने घर में मौजूदा सीजन में राजस्थान रॉयल्स के मैच के रूप में लगातार तीसरी और सातवें मैच में पांचवीं हार से बचने की चुनौती होगी। राजस्थान रॉयल्स ने लखनउ सुपर जायंटस से पिछले पांच में तीन मैच जीते हैं हालांकि आखिरी मैच सहित दो मैच हारे हैं। दोनों ही टीमों के बीच पिछले पांचों मैच कमोबेश खासे संघर्षपूर्ण रहे हैं। लगातार चार जीत से आगाज करने वाली राजस्थान रॉयल्स अगले दो मैचों में पहले हैदराबाद में एसआरएच के खिलाफ मैच में शुरू के पांच विकेट मात्र 9 रन पर खो मैच 59 रन से और केकेआर से दो गेंद के बाकी रहते पिछला मैच चार विकेट से हार चुकी है। राजस्थान छह मैचों से चार जीत व दो हार के साथ आठ अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। वहीं लखनउ सुपर जायंटस अपने घर में दिल्ली कैपिटल्स से छह विकेट से हार के बाद अगले दो मैच जीतने के बाद लगातार तीन मैच हार चुकी है और छह मैचों से मात्र चार अंकों के साथ नौंवे और अंतिम पूर्व स्थान पर है।
राजस्थान रॉयल्स के लिए छह मैचों में दो दो अर्द्ध शतकों के साथ 15 बरस के वैभव सूर्यवंशी (246 रन) रन बनाने में चौथे, यशस्वी जायसवाल(223 रन) सातवें,ध्रुव जुरैल (181 रन) 18 वें नंबर पर चल रहे हैं। राजस्थान रॉयल्स के लिए रवींद्र जडेजा (71 रन), डोनोवॉन फरेरा ( एक अर्द्धशतक, 77 रन) ने भी साथ उपयोगी पारियां खेली हैं लेकिन उसकी सबसे बड़ी चिंता कप्तान रेयन पराग का छह मैचों में 20 रन के सर्वोच्च स्कोर के साथ कुल 61 रन बना पाना है। लखनउ सुपर जायंटस की दिक्कत यह है कि अपने तेज गेंदबाज मयंक यादव के चोट के चलते अब तक उपलब्ध न हो पाना है। तेज गेंदबाज प्रिंस यादव (11 विकेट) को छोड़ कर लखनउ सुपर जायंटस के अनुभवी मोहम्मद शमी, चोट के बाद वापसी करने वाले मोहसिन खान अर आवेश खान जैसे तेज गेंदबाज एक दो मैच को छोड़ कर अब तक सही लय पाने के लिए जूझ रहे हैं। लखनउ सुपर जायंटस के लिए दिल्ली के बाशिंदे प्रिंस यादव (11 विकेट) ने जहां सबसे ज्यादा विकेट चटकाए हैं वहीं अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (5 विकेट) व आवेश खान (5 विकेट) के साथ बाएं हाथ के स्पिनर एम सिद्धार्थ (तीन मैचों में चार विकेट) ,मोहसिन (दो मैच, दो विकेट) ने टुकड़ों टुकड़ों में विकेट चटकाए है। लखनउ सुपर जायंटस का अपने गेंदबाजों का इकाई के रूप मे रंगत न दिखा पाना सबसे बड़ी कमजोरी है । राजस्थान रॉयल्स के वैभव और यशस्वी जायसवाल के साथ ध्रुव जुरैल लखनउ सुपर जायंटस की गेंदबाजी की इसी कमजोरी को भुनाने की कोशिश करेंगे। पिछले मैच में केकेआर के खिलाफ हार में उसके मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती और सुनील नारायण ने पांच विकेट आपस में बांटने के साथ जिस तरह वैभव व यशस्वी के साथ जुरैल को स्पिन का जाल बुन कर फंसाया उससे लखनउ सुपर जायंटस अपने मिस्ट्री स्पिनर दिग्वेश राठी से गेंदबाजी का आगाज करा उसकी पारी शुरु में ही बिखेरने की आस कर सकता है।
लखनउ सुपर जायंटस के लिए छह मैचों में एडन मरक्रम (162 रन) भले ही मौजूदा सीजन में सबसे आगे हैं लेकिन उन्हें अपने सलामी जोड़ीदार मिचेल मार्श ( 150 रन) के साथ मौजूदा सीजन में अभी अपने पहले अर्द्धशतक का इंतजार है। लखनउ के लिए कप्तान ऋषभ पंत ( 147 रन), आयुष बड़ोनी (148 रन), मुकुल चौधरी (148 रन) ने एक- एक अर्द्धशतक जरूर जड़ा लेकिन ये दोनों बराबर अच्छी और बड़ी पारी को अभी भी तरस रहे हें। लखनउ की सबसे बड़ी चिंता उसके शीर्ष क्रम का पॉवरप्ले में बड़ा स्कोर बनाने में नाकामी के साथ मध्यक्रम में निकोलस पूरन( कुल 51 रन), शेमरन हेटमायर (39 रन) और अब्दुल समद (72 रन) का अभी भी रंगत पाने के लिए जूझना है। राजस्थान रॉयल्स के लिए बड़े दिल वाले लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने (दस विकेट), तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर(8 विकेट), नैंड्रे बर्गर( 6 विकेट), रवींन्द्र जडेजा (5 विकेट) तुषार देशपांडे (तीन विकेट)और ब्रजेश शर्मा ( तीन विकेट)एक गेंदबाजी इकाई के रूप में दमदार प्रदर्शन लखनउ सुपर जायंटस को उसके घर में सस्ते में समेट कर जीत दिलाने को बेताब दिखाई देते हैं।
हमें अपनी टीम पर भरोसा है : ऋषभ पंत
लखनउ सुपर जायंटस के कप्तान ऋषभ पंत ने कहा,‘ चोट के बाद मेरा बायां हाथ अब बेहतर हो रहा है। किसी एक की तारीफ करना मुश्किल है लेकिन हमारे गेंदबाजों ने बढ़िया गेंदबाजी की। कुछ चिंता की बात जरूर है लेकिन हमारी बल्लेबाजी में कुछ सकारात्मक देखने को मिला। आयुष बड़ोनी से हमने इसीलिए पारी का आगाज कराया क्योंकि हम खुलकर बल्लेबाजी करना चाहते थे और पहले से तय कर लिया गया फैसला था। हम अपने शीर्ष क्रम पर से दबाव हटाना चाहते थे। हमें अपनी टीम पर भरोसा है। बेशक पंजाब अच्छी और दमदार क्रिकेट का श्रेय पंजाब किंग्स को जाता है।‘
हम मैच में कैच टपकना गवारा नहीं कर सकते: पराग
राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने कहा,‘हमारा कोलकाता में पिच को लेकर अनुमान था कि यह 170 रन की पिच है। यह हमारा मैच था। हार के लिए कोई बहाना नहीं है। हम मैच में कैच टपकना गवारा नहीं कर सकते। न ही हम बल्लेबाजी को उनके लिए मुफीद लाइन पर गेंदबाजी कर सकते है। पिच पर गेंद खासी स्पिन हो रही थी। जिस तरह स्पिनर रवींद्र जडेजा , रवि बिश्नोई और पंजा ने गेंदबाजी यही मैच में आगे बढ़ना का रास्ता था। केकेआर ने विकेट गंवाए और तब उसके लिए मैदान पर बल्लेबाजी के लिए रिंकू सिंह और अनुकूल राय के रूप में बाएं हाथ के बल्लेबाज थे। जब रवि बिश्नोई के ओवर पूरे हो गए तो तब मैंने एक ओवर फेंका। हमारे पास योजना थी। यह 170 रन की पिच थी और हमने खुद को समय देने की कोशिश जरूर की लेकिन बात नहीं बनी।पंजा बेशक पहले ओवर में कुछ हड़बड़ाते दिखे लेकिन उन्होंने बहुत बढ़िया गेंदबाजी की।‘





