बेलिंघम के दो गोल से इंग्लैंड की मैक्सिको पर रोमांचक जीत

England's thrilling victory over Mexico thanks to two goals from Bellingham

इंग्लैंड क्वॉर्टर फाइनल में नॉर्वे से भिड़ेगा

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : मिडफील्डर जूड बेलिंघम के पहले हाफ के दो बेहतरीन गोल तथा गोलरक्षक जॉडर्न पिकफर्ड की मुस्तैदी से अपने किले की चौकसी की बदौलत इंग्लैड ने सह मेजबान मैक्सिको पर मैक्सिको स्टेडियम में सोमवार सुबह फीफा विश्व कप 2026 के बेहद रोमांचक प्री क्वॉर्टर फाइनल में 3-2 से यादगार जीत की। इंग्लैंड के लिए मैच में तीसरा और आखिरी गोल कप्तान हैरी केन ने दूसरे हाफ में पेनल्टी किक पर दागा। पराजित मैक्सिको के लिए जूलियन कुइनोनेज और राउल जिमनेज ने दूसरे हाफ में एक-एक गोल किया। इंग्लैंड और मैक्सिको के बीच सोमवार को खेले गए इस मैच में कुल पांच गोल हुए, जिसमें दोनों टीमों ने एक- एक गोल पेनल्टी किक पर किया। मेजबान मैक्सिको के जीवट को सलाम जिसने कि इंग्लैंड के खिलाफ इस मैच में तीन बार पिछड़ने के बाद दो बार बराबरी पाई, लेकिन बावजूद इसके बराबरी पा मैच को अतिरक्त समय तक नहीं खींच पाई। इंग्लैंड अब क्वॉर्टर फाइनल में 11 जुलाई को मियामी में नॉर्वे से भिड़ेगा। मैक्सिको की टीम भले ही इंग्लैंड से यह बेहद रोमांचक मैच हार गई लेकिन उसने अपने गजब के जीवट से दिल जीत लिया।

इंग्लैंड ने दूसरे हाफ में ज्यादातर समय दस खिलाड़ियों से खेलने के बावजूद अपनी बढ़त और बढ़ाई। डिफेंडर जारेल कुआनाश को मैच के 54 वें मिनट में रेड कार्ड दिखा कर मैदान से बाहर भेज दिया और इसके बाद इंग्लैंड की टीम बाकी मैच दस खिलाड़ियों से ही खेल कर क्वॉर्टर फाइनल में स्थान बना खिताब की उम्मीदें बरकरार रखीं। मैक्सिको की तारीफ करनी होगी कि उसने 40 बरस में इंग्लैंड पर जीत के साथ क्वॉर्टर फाइनल में स्थान बनाने के लिए आखिरी मिनट तक कोशिश जारी रखी पर किस्मत का उसे साथ नहीं मिला। मैक्सिको ने शुरू से ही गेंद को अपने कब्जे में रखा लेकिन खेल के रुख के उलट 23 बरस के जूड बेलिंघम ने पहले मैच के 36 वें मिनट में साथी स्ट्राइकर बुकायो साका के क्रॉस पर गेंद को संभाल गोल कर इंग्लैंड का खाता खोला। बेलिंघम ने दो मिनट बाद मैच का अपना दूसरा गोल कर इंग्लैंड को 2-0 से आगे कर दिया। अपनी मैक्सिको टीम के 0-2 से पिछड़ने से मैक्सिको स्टेडियम में उसके समर्थकों में सन्नाटा छा गया । मैक्सिको के कुइनोनेज ने हाफ टाइम से तीन मिनट पहले इंग्लैंड के बॉक्स में पहुंच दनदनाता शॉट जमा गोल कर स्कोर 1-2 कर दिया। इंग्लैंड के आगे बढ़ आए डिफेंडर निको ओ’ रिले ने दूसरे हाफ के शुरू में तेज शॉट मैक्सिको के गोल ही जमाया लेकिन गेंद गोल स्तंभ को टकरा कर बाहर निकल गई। कुआनशा को मैच के 54 वें मिनट में अपने बॉक्स के भीतर मैक्सिको के जीसस गालार्डो को गलत ढंग से रोकने पर रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया और मैदान पर इंग्लैंड के दस ही खिलाड़ी रह गए। मैक्सिको के गोलरक्षक राउल द्वारा स्ट्राइकर एंथनी गार्डन को बॉक्स के भीतर गिराने पर मैच के 60 वें मिली पेनल्टी किक को कप्तान हैरी केन ने गोल मे बदल कर इंग्लैंड की बढ़त 3-1 कर दी। इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन के अपने बॉक्स के भीतर ब्रायन गुटीरज के खिलाफ फाउल करने पर मिली रेफरी ने वार रिव्यू के बाद मैक्सिको को मैच के 69 वें मिनट पेनल्टी किक दी और इसे जिमीनेज ने गोल में बदल स्कोर 2-3 कर दिया। मैक्सिको ने इसे बाद पूरी ताकत बराबरी का गोल कर मैच को अतिरिक्त समय में खींचने की कोशिश की लेकिन इंग्लैंड के मुस्तैदी से अपने किले की चौकसी के चलते वह इसमें नाकाम रहा।

जीत के लिए हर खिलाड़ी को पूरी ताकत लगानी पड़ी: हेरी केन
अब तक मौजूदा विश्व कप में छह गोल चुके इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने अपनी टीम की जीत पर कहा, ‘हमें मैक्सिको पर जीत के लिए हमारी टीम के हर खिलाड़ी को पूरी ताकत लगानी पड़ी। हमारी मैक्सिको पर जीत के कई हीरो हैं। हमारी टीम ने जीत के लिए जिस तरह का जीवट दिखाया है उससे मुझे अपनी टीम पर गर्व है। हम सभी ने साथ मिलकर मैक्सिको के खिलाफ जीत की रह खोज ही ली। टीम में हम सभी के साथ मिलकर एक दूसरे के साथ कंधा से कंधा मिला कर आगे बढ़ने की बात भर करना भर पर्याप्त नहीं है। जरूरी है इसे मैदान पर भी दर्शाना। घर से दूर मेजबान मैक्सिको के खिलाफ मुश्किल का सामना कर खेलना वाकई सबसे बड़ा इम्तिहान है। इस तरह की संघर्षपूर्ण जीत टीम में सभी को एक दूसरे के करीब लाती है।’

हमारी टीम मुश्किल में हिम्मत नहीं हारती : टचेल
इंग्लैंड के कोच टॉमस टचेल ने कहा,‘ मुझे अपनी टीम पर गर्व है। हमें सब कुछ चाहिए था। मैक्सिको के खिलाफ यह अंतिम 16 मैच बेहद मुश्किल था। जिस क्षण हमें लगा कि हम लय पा लेंगे तभी हमें झटके लगे। यही सही सोच है। मुश्किल में हमारी टीम ने हिम्मत नहीं हारती और खुद पर भरोसा बरकरार रखती है। हमारी मैक्सिको पर यह जीत बस एक कदम आगे बढ़ने जैसी है। नॉर्वे के खिलाफ क्वॉर्टर फाइनल खासा मुश्किल मैच होगा। नॉर्वे वाकई बहुत बढ़िया टीम है और उसके पास कई खतरनाक खिलाड़ी हैं।’

जो कुछ भी हम कर सकते थे, हमने किया: अगुरी
मैक्सिको के कोच जेवियर अगुरी ने कहा, ‘ मैं अपनी टीम को दोष नहीं दे सकता है। जो कुछ भी हम कर सकते थे, हमने किया। आप विश्व कप जैसे बड़े मंच पर आप गलतियां नहीं कर सकते क्योंकि आपको इनकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है। हमने एक अतिरिक्त खिलाड़ी का फ़ायदा उठाने के लिए बदलू खिलाड़ी के ज़रिए जोखिम उठाया, लेकिन हम उसमें कामयाब नहीं हो पाए। सभी के सहयोग के लिए मैं बस सभी का आभार व्यक्त करना चाहूंगा।’